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ओपीडी में बढ़ी मौमसी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या 15-51-09

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ओपीडी में बढ़ी मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या
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बस्ती। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की हल्की ठंड में जरा-सी लापरवाही लोगों को बीमार कर दे रही है। इसका असर लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ रहा है। बुखार, बदन दर्द के साथ जुकाम-खांसी की समस्याएं बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन दो से ढाई सौ मरीजों में करीब आधी संख्या मौसमी बीमारियों की चपेट में आने वालों की है जिसमें अधिकांश बच्चे हैं।
शनिवार दोपहर 12 बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या ढाई सौ से पार हो गई थी। इसमें पौने दो सौ के करीब ऐसे मरीज शामिल रहे, जो कि मौसम में बदलाव के कारण रोग से पीड़ित थे। दरअसल, बीते दिनों से दस दिनों के भीतर ठंड का असर बेहद कम हो गया है। सुबह नौ बजे से धूप में गरमी इतनी तेज हो जा रही है कि दो मिनट भी धूप में खड़ा रहना मुश्किल हो जा रहा है। ऐसे में तापमान में उतार-चढ़ाव से मौसमी बीमारियों की चपेट में आने वालों की संख्या बढ़ गई है। बच्चों में यह समस्या अधिक है। बच्चों में सर्दी-खांसी, निमोनिया और पीलिया होने की आशंका भी ज्यादा होती है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी का मौसम जाने और गरमी आने के दौरान इस तरह की बीमारी का प्रकोप मार्च-अप्रैल तक रहता है। तापमान बढ़ने के साथ ही इसका असर भी समाप्त हो जाएगा।
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चिकित्सकों का कहना है कि सबसे ज्यादा बुजुर्गों और बच्चों को देखभाल की जरूरत है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. रामजी सोनी के मुताबिक इस समय सर्दी, खांसी, बुखार, दमा, हार्ट अटैक के मरीजों की तादाद बढ़ रही है। प्रतिदिन ओपीडी में 40 से 50 प्रतिशत मरीज ऐसे ही पहुंच रहे हैं। इसके पीछे कारण मौसम के बदलाव को माना जा रहा है। ब्लड प्रेशर व शुगर वाले मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चों को अनावश्यक बाहर न निकलने दें।
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