ई-केवाईसी न कराने पर रुक जाएगी किसान सम्मान निधि
बस्ती। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को अब ई-केवाईसी कराना होगा। इसे न कराने पर नए वित्तीय वर्ष में लाभार्थियों को योजना से वंचित कर उनकी किस्तें रोक दी जाएंगी। ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया मार्च में ही पूरी करनी है। अप्रैल में मिलने वाली किस्त रोक दी जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को सरकार छह हजार रुपये की वित्तीय सहायता उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराती है। जनपद में मौजूदा समय में करीब चार लाख 84 हजार किसान योजना के तहत लाभ ले रहे हैं। यह धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में दो हजार रुपये प्रति किस्त के हिसाब से तीन बार में ट्रांसफर की जाती है। अप्रैल में 11 वीं किस्त जारी की जाएगी। इससे पहले ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है।
खुद भी कर सकते हैं सत्यापन
ई-केवाईसी का सत्यापन किसान खुद भी कर सकते हैं। यदि उनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है तो पीएम-किसान के बेव पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी का विकल्प चुनें। पोर्टल पर उनसे आधार नंबर मांगा जाएग। पोर्टल पर दिख रहे इमेज टेक्सट को भरकर सर्च ऑप्शन क्लिक करना होगा। इसके बाद पोर्टल मोबाइल नंबर की मांग करेगा। जिसे भरकर गेट ओटीपी पर क्लिक करना होगा। किसान के मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा जिसे पोर्टल पर भरकर सब्मिट बटन पर क्लिक करने के बाद ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यदि किसान का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है तो उन्हें जन सुविधा केंद्र जाकर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करानी पड़ेगी।
अनिवार्य है ई-केवाईसी कराना
उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि शासन से ई-केवाईसी कराने का निर्देश प्राप्त हुआ। पीएम-किसान योजना में लाभार्थियों को ई-केवाईसी या बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य है। किसान इसे मोबाइल फोन या जन सुविधा केंद्र की मदद से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। मार्च माह में प्रक्रिया हर हाल में पूरी कर लें ताकि अप्रैल में मिलने वाली किस्त के लिए किसानों को परेशान न होना पड़े।