फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैराथन मारने को मैदान पर पसीना बहा रहे रुद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
मैराथन में मुकाम पाने के लिए पसीना बहा रहे रुद्र प्रताप
विज्ञापन

बस्ती। शहर से सटे मनहनडीह गांव के रुद्र प्रताप नारायण की इच्छा शक्ति का कोई जवाब नहीं। उन्होंने मैराथन में एक से एक मुकाम हासिल किया है लेकिन उनकी प्रबल अभिलाषा मैराथन के अलावा अलग मुकाम पाने की है।
23 और 24 जनवरी 2022 को बंगलूरू के 24 घंटे स्टेडियम नामक एजी फेडरल की ओर से आयोजित मैराथन प्रतियोगिता में लगातार 13 घंटे में 100 किलोमीटर की दौड़ लगाई थी जिसमें उन्हें सातवां स्थान हासिल हुआ था। जबकि रुद्र अब तक तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर चुके हैं। एक के बाद एक लंबी दूरी की दौड़ में अपना नाम शामिल कराने वाले रुद्र का उद्देश्य मैराथन में बेहतर स्थान पाने का है। इसके लिए वह इन दिनों स्टेडियम में जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। सामान्य परिवार में जन्मे 21 वर्षीय रुद्र प्रताप के पिता जय कृष्ण प्रताप किसान हैं व माता मानवती गृहिणी हैं। बचपन से ही खेलकूद में अव्वल रहने वाले रुद्र प्रताप ने पहली बार 2019 में आयोजित जिले की मिनी मैराथन प्रतियोगिता में छह किमी की प्रतियोगिता में भाग लिया और यहीं से उनके मन में लंबी दूरी की दौड़ का बीज रोपित हुआ।
विज्ञापन

दो फरवरी 2020 को पहली बार चंडीगढ़ में आयोजित टफ मैन प्रतियोगिता में रुद्र ने 38 किमी दौड़ मात्र तीन घंटे में पूरी कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके बाद में इसी वर्ष दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के आईडीबीआई फेडरल मैराथन में प्रतिभाग किया। इस मैराथन प्रतियोगिता में रुद्र 3.4 घंटे में 42 किलोमीटर दौड़े। इस प्रतियोगिता में दौड़ने के बाद उन्हें 100 किलोमीटर प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिला। क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की आईडीबीआई फेडरल मैराथन प्रतियोगिता में 42 किलोमीटर की दौड़ कोई प्रतिभागी पांच घंटे के भीतर पूरा करता है तो उसे मैराथन की 100 किलोमीटर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का मौका मिलता है। 30 अप्रैल से पहली मई 2022 तक चलने आयोजित 24 घंटे अल्ट्रा मैराथन बंगलूरू में रुद्र ने 135 किमी दौड़ कर छठा स्थान हासिल किया।
विज्ञापन

रुद्र कहते हैं कि उनके जीवन का उद्देश्य दौड़ की सबसे बड़ी प्रतियोगिता तक पहुंचने का है। कहा कि दुनिया भर में नाम कमाने के लिए उन्हें अभी बहुत परिश्रम करना है, मगर उसमें कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेंगे। फिल्हाल पहली सीढ़ी मैराथन की है। उसमें मुकाम बनाना ही उद्देश्य है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें