संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। बिसुही नदी के उफान पर आने से शनिवार को बस्ती और गोंडा की सीमा के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। गौर विकासखंड के माझा मानपुर गांव सहित 12 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बेलवरिया घाट से लेकर माझा मानपुर को जाने वाली सड़क पूरी तरह से पानी में डूब गई है। जिससे आवागमन ठप हो गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर प्रशासन की ओर से नाव लगाई गई है।
माझा मानपुर गांव के प्रधान सुभाष चौधरी ने बताया कि गांव की आबादी लगभग पांच हजार के आसपास है और 14 पुरवों में विभाजित है। हर वर्ष गांव बाढ़ की चपेट में आता है। हलुआ बाजार के बेलवरिया चौराहे से तीन किलोमीटर दूर माझा मानपुर मार्ग पिछले पंद्रह वर्ष पहले निर्माण कराया गया था। जो इस समय पूरी तरह सड़क बदहाल हो गई है। बेलवरिया घाट पुल से माझा मानपुर तक सड़क बिसुही नदी के पानी की चपेट में है। सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है। ऐसे में गोंडा जिले के सीमा पर स्थित कूकनगर ग्रांट के कई गांवों का आवागमन ठप हो गया है। इसी गांव के चौधरी रविंद्र पटेल ने बताया कि कप्तानगंज विधानसभा के हर्रैया तहसील के गौर ब्लॉक का बॉर्डर का गांव है। पिछले एक सप्ताह से बाढ़ की वजह से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं और बीमारी से ग्रस्त लोगों को हो रही है। आवागमन ठप होने से गांव में आने के लिए नाव के अलावा कोई और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोगों को पचास किलोमीटर दूर गौर, बभनान होते हुए घारीघाट, खोड़ारे, गौरा चौकी के रास्ते को माझा मानपुर गांव में आना पड़ रहा है।
दयाशंकर यादव उर्फ लंकेश ने कहा कि जब तक ग्रामीणों का आवागमन सुचारू रूप से चालू न हो जाए। तब तक के लिए गांव में ही स्वास्थ्य विभाग टीम का कैंप लगाया जाए। जिसमें महिला डॉक्टर की भी तैनाती की जाए। जिससे गांव की गर्भवती महिलाओं को समुचित उपचार मिल सके। प्रशासन से रोजमर्रा की चीजों को उपलब्ध कराए जाने की मांग की। इसी गांव के राधेश्याम गुप्ता, असगर अली, राजेश वर्मा ने बताया कि जब तक पीडब्ल्यूडी विभाग से सड़क का निर्माण व चौड़ीकरण नहीं होगा। तब तक लोगों को इसी तरह के बाढ़ का सामना करना पड़ेगा। बरसात बाद यदि बेलवरिया घाट से माझा मानपुर तक सड़क का निर्माण कार्य नहीं कराया गया तो आंदोलन करने पर विवश होंगे।
तहसीलदार हर्रैया चंद्रभूषण प्रताप ने कहा कि बाढ़ की वजह से बस्ती और गोंडा के कुछ गांव पानी की चपेट में हैं। माझा मानपुर गांव के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नाव लगाई गई है। रही बात सड़क मरम्मत की तो बरसात के बाद ही अब कोई कार्य संभव होगा।
लगातार बढ़ रहा सरयू का जलस्तर
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 29 सेंटीमीटर ऊपर 93.020 मीटर पर पहुंच गया। सुविखा बाबू के ग्रामीणों लिए मुसीबत और बढ़ गई है। गौरा सैफाबाद तटबंध के भनखरपुर गांव के सामने कृषि योग्य जमीनों में कटान होने लगा है। इसी तटबंध के पारा गांव के पास चार नंबर ठोकर पर अभी दबाव बना हुआ है। वहीं आंशिक टेढ़वा, भुवरिया, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई मजरों की तरफ बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। कटरिया चांदपुर तटबंध व गौरा सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव तक दबाव बना हुआ है। एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया की जलस्तर बढ रहा है। निगरानी की जा रही है। अभी खतरे की कोई बात नहीं है।