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रसोइयों के मानदेय के लिए मिला बजट

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रसोइयों के मानदेय के लिए मिला बजट
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रसोइयों ने काली दीपावली मनाने का निर्णय लिया वापस
बस्ती। परिषदीय स्कूलों में कार्यरत रसोइयों को दीपावली के पहले मानदेय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि बजट आ गया है। जल्द ही रसोइयों का मानदेय उनके खाते में भेज दिया दीपावली मनाने के निर्णय को वापस ले लिया है।
जिले के 14 ब्लॉकों के कुल 2476 परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन बनाने के लिए 4901 रसोइयों की तैनाती है। इन स्कूलों में करीब तीन लाख बच्चे पढ़ाई करते हैं। रसोइयों को अप्रैल से मानदेय नहीं मिला है। इसे लेकर ‘अमर उजाला’ ने 26 अक्तूबर के अंक में ‘छह माह से नहीं मिला मानदेय, घर में आ गई है फाकाकशी की नौबत, अब दिवाली कैसे मनाएं’ शीर्षक से रसोइयों के दर्द को उकेरा था। वहीं यूनियन ने 25 अक्तूबर को बीएसए जगदीश शुक्ला से मिलकर दीपावली से पहले मानदेय न मिलने की स्थिति में एक नवंबर को बीएसए कार्यालय पर काली दिवाली मनाने की चेतावनी दी थी।
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यूनियन के जिला मंत्री ध्रुव चंद ने कहा कि पांच माह के बकाए का बजट आ जाने सहित अन्य मुद्दों पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से वार्ता और सहमति के पश्चात जारी निर्देश के क्रम में काली दिवाली मनाने के निर्णय को वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा की पांच माह के बकाए का बजट जिले में आ गया है। दीपावली से पहले भुगतान हो जाने की उम्मीद है। यूनियन की जिलाध्यक्ष उर्मिला चौधरी, विजयनाथ, राम निरख यादव, नवनीत कुमार यादव ने मानदेय का बजट आने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
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