मां-बेटी की हत्या में भी पुलिस का रवैया संदेहास्पद रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। छात्र के खुदकुशी और सेंठा गांव में मां-बेटी की हत्या के मामले में पुलिस की किरकिरी करा रहे कप्तानगंज थाने के एसएचओ को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि छात्र के खुदकुशी से पहले थाने पर विवाद की सूचना आई थी। मगर, उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
खुदकुशी के बाद भी एसएचओ दीपक कुमार दुबे पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं दिखे। ऐसे में परिजनों को शव लेकर पुलिस कार्यालय तक आना पड़ा। इसके बाद हड़बड़ाई पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इस मामले में पुलिस पर खुला आरोप लगा है कि यदि समय रहते कदम उठाए गए होते तो 15 वर्षीय छात्र को खुदकुशी करने की नौबत नहीं आती।
उधर, चार दिसंबर को मां-बेटी की हत्या में भी पुलिस का रवैया संदेहास्पद रहा। 20 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस दो महिलाओं के अलावा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। जबकि फरार आरोपी लगातार पीड़ित के रिश्तेदारों और परिवार वालों को धमकी दे रहे हैं। डर वश परिवार के लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इन सबके बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदला तो एसपी ने मंगलवार की सुबह दीपक कुमार दुबे को एसएचओ पद से निलंबित कर दिया।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद