विक्रमजोत। क्षेत्र के नियामतपुर गांव में बृहस्पतिवार को चौथे दिन नवयुवक दुर्गापूजा एवं रामलीला समिति ने मां भगवती के चतुर्थ रूप माता कूष्मांडा देवी का विशेष पूजन-अर्चन किया। रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। कलाकारों ने जीवंत अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंचन का शुभारंभ समाजसेवी महेंद्र पांडेय ने माता दुर्गा की आरती के साथ किया। राक्षस ताड़का और सुबाहु का आतंक समाप्त कर राम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर प्रस्थान करते हैं। मार्ग में प्रभु श्रीराम ने महर्षि गौतम की शापित पत्नी अहिल्या का उद्धार किया। पुष्पवाटिका में प्रभु श्रीराम और माता सीता एक-दूसरे को देखकर प्रेमभाव का अनुभव करते हैं। महाराज जनक की सभा में प्रभु श्रीराम भगवान शंकर का धनुष तोड़कर राजा जनक की प्रतिज्ञा पूरी करते हैं और सीता माता उन्हें वरमाला पहनाती हैं।
इस दौरान समिति के पदाधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, श्यामशंकर पाल, मनोज सिंह, पाटनदीन यादव, संतोष कुमार गुप्त, सुनील मौर्य सहित क्षेत्र के गणमान्य उपस्थित रहे।