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सड़क व पटरियां पार्किंग में तब्दील, यातायात में मुसीबत

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सड़क व पटरियां पार्किंग में तब्दील, यातायात में मुसीबत
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- अस्पताल, रोडवेज, कंपनी बाग व रौता चौराहे पर घंटों जाम झेलते हैं लोग
- न जेब्रा लाइन न सिग्नल सिस्टम कर रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के मुख्य चौराहों पर जाम का झाम हर घंटे राहगीर झेलते हैं, मगर सबसे ज्यादा खराब स्थिति शहर के उन चौराहों की है, जहां इमरजेंसी में आवागमन होता है। इसमें रोडवेज, अस्पताल चौराहा व रौता चौराहा है। यहां हर घंटे जाम लगता है, जिसे हटाने में यातायात पुलिस व सिविल पुलिस को पसीना छूट जाता है। इन चौराहों पर जाम का कारण पटरियों पर वाहन पार्किंग है।
इस शहर के यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासन ने पूरी टीम उतार रखी है। इसमें एक निरीक्षक, तीन उप निरीक्षक, 60 मुख्य आरक्षी व आरक्षी, बीस होम गार्ड्स तथा पचास पीआरडी जवान यातायात व्यवस्था संचालित करते हैं। यातायात के लिए अस्पताल, रोडवेज व कंपनी बाग पर लगाए गए सिग्नल दो वर्ष से खराब हैं। हालांकि यहां यातायात के संचालन के लिए होमगार्ड व यातायात के जवान ड्यूटी देते हैं। इस व्यवस्था पर एक नजर डालते हैं तो सबसे पहले बात रोडवेज से शुरू करते हैं। यहां एक ओर रेलवे स्टेशन तो दूसरी ओर अस्पताल से रास्ता आता है। बीच में परिवहन निगम भी है। यहां पटरियों पर परिवहन निगम की बसों का कब्जा रहता है। जो बची खुची पटरियां हैं, उन पर ठेला रेहड़ी व दुकानदारों के होर्डिंग रख दिए जाते हैं। यहां जाम झेलने के बाद आगे अस्पताल की ओर बढ़ें तो यहां भी स्थिति अच्छी नहीं है। क्योंकि यहां दोनों पटरियों पर दुकानों के सामान व पार्किंग लोगों ने बना रखे हैं। ऐसे में सड़क पर ही तमाम लोग अपने वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे यहां आम लोग घंटों जाम का दर्द झेलते हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति तब होती है, जब दर्द से तड़पते मरीज को ले जा रही एंबुलेंस यहां फंस जाती है। अस्पताल चौराहे के आगे तमाम नर्सिंग होम व अन्य वाणिज्यिक संस्थाएं हैं, जिनके पास अपना कोई पार्किंग नहीं है। ऐसे में उनके यहां आने वाले वाहन सड़क की पटरियों पर ही पार्क होते हैं, जिससे जाम लगता है। यही हाल कंपनी बाग, मालवीय मार्ग, बड़े वन सहित शहरी क्षेत्र के सभी इलाकों का है। यहां वाहन सड़क पर पार्क होते हैं और पार्किंग का पता नहीं है। गांधी नगर में जो सड़क के बीचो-बीच वहन खड़े होते हैं, जिससे बाजार में जब भीड़ बढ़ती है तो जाम लग जाता है।
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शहरी क्षेत्र में पार्किंग के लिए अतिक्रमण हटाने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। लोग खुद जागरूक हों तभी जाम से निजात मिल सकेगी। कहा कि जाम के लिए अस्थायी अतिक्रमण बहुत बड़ा कारण है, जिसे जागरूकता से ही हटाना संभव होगा। - अखिलेश त्रिपाठी अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
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व्यवस्था सुधारने के लिए सभी को पहल करनी होगी। लोग पटरियों पर वाहन पार्क कर देते हैं, जिससे जाम लगता है। ट्रैफिक सिस्टम का कड़ाई से पालन करना जरूरी है, इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। - कामेश्वर सिंह, यातायात निरीक्षक
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