नगर बाजार। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पंचायत सहायकों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
यूनियन के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि इससे पहले जून माह में मांग पत्र दिया गया था। जिसके बाद शासन स्तर पर प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग के साथ प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी। वार्ता में मांगों के समाधान के लिए दो माह का समय मांगा गया था लेकिन अवधि बीतने के बाद भी मानदेय बढ़ोतरी और स्थायीकरण को लेकर कोई सकारात्मक आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे प्रदेश भर के पंचायत सहायकों में निराशा और असंतोष है।
उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों ने अपनी प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने, मानदेय को ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष करते हुए 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने अथवा उत्तर प्रदेश के निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी के बराबर मानदेय देने की मांग की है। इसके साथ ही अनुभव और योग्यता के आधार पर समायोजन कर स्थायी सेवा नियमावली बनाते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश एवं स्थानांतरण नीति लागू करने तथा आगामी ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती में अनुभव के आधार पर 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की मांग शामिल है। यूनियन ने शासन से मांग की है कि इन मांगों पर एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। अन्यथा की स्थिति में प्रदेश के समस्त पंचायत सहायक सात सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डेन में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला, महेश कुमार, कुसुम, विवेक कुमार, ऋषभ भार्गव, अजय कुमार वर्मा, मनीष कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।