फल उत्कृष्टता केंद्र में तैयार हो रही सब्जी व मौसमी फलोें की पौध
बस्ती। जनपद के बंजरिया में इंडो-इस्रायल परियोजना के तहत स्थापित फल उत्कृष्टता केंद्र सब्जी व मौसमी फलों की पौध किसानों को उपलब्ध करा रहा है। इस बार खरीफ मौसम के पौधे जनवरी से ही किसानों को वितरित की जा रही है। जनवरी-फरवरी में रोपी गई पौध मार्च-अप्रैल में उत्पाद देना शुरू कर देगी। इससे बाजार में स्थानीय उत्पादों की संख्या बढ़ेगी। जो जिले को सब्जी के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के साथ उपभोक्ताओं को ऊंचे दामों से मुक्ति दिलाने का काम करेगी।
फल उत्कृष्टता केंद्र किसानों को फल व सब्जी उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से रुबरु कराता रहता है। इसके लिए केंद्र परिसर में आधुनिक तकनीकों का समावेश करते हुए मौसमी फल, सब्जियां, आम व अमरुद के बगान लगाए गए हैं। यहां किसान तकनीकों का सजीव प्रदर्शन देख व समझकर बागवानी में इसका उपयोग कर सकता है। फल उत्कृष्टता केंद्र पर स्थापित हाइटेक नर्सरी से उन्नतशील किस्म की फल व सब्जियों की पौध उपलब्ध कराई जाती है। उत्कृष्टता केंद्र इन पौधों के शत-प्रतिशत रोग मुक्त होने का दावा भी करता है। हाईटेक नर्सरी में रबी, खरीफ व जायद मौसम की सब्जियों की पौध तैयार की जाती है।
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लाल रंग की भिंडी और समर स्वैश है आकर्षण का केंद्र
हाईटेक नर्सरी में विभिन्न प्रजाति की मौसमी सब्जियों की पौध उपलब्ध है। लेकिन, लाल रंग की भिंडी और समर स्वैक्श की पौध इस बार नर्सरी के आकर्षण का केंद्र बने हैं। पिछली बार काशी लालिमा (लाल रंग की भिंडी) को केंद्र पर लगाकर स्थानीय जलवायु में इसके उत्पादन को परखा गया था। इस बार इसे किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा समर स्वैक्श भी इस बार हाईटेक नर्सरी का आकर्षण बना हुआ है। यह एक प्रकार का कद्दू है जो गोलाकार न होकर लंबा होता है। केंद्र प्रभारी अधिकारी अनीश कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि लोबिया, कद्दू, समर स्वैश, ननुआ, लौकी, भिंडी, टमाटर, मिर्च, बैगन, तरबूज, खरबूज, खीरा आदि की पौध तैयार है। अब तक किसानों को करीब 30 हजार पौधे वितरित किए जा चुके हैं। एक पौधे की कीमत दो रुपये है। वहीं, किसान कम खर्च में अपनी पसंद की प्रजाति का बीज लेकर भी पौधे तैयार कर सकते हैं।