संविदाकर्मियों पर दो माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
बस्ती। कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 व 2020-21 में किसानों को वितरित किए गए लाभों की जांच शासन ने दिसंबर 2021 में कराया था जिसमें तमाम खामियां मिली थीं। जांच टीम ने कृषि निदेशक के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत किया जिसके आधार पर निदेशक ने आठ मार्च 2022 को संयुक्त कृषि निदेशक अविनाश चंद्र त्रिपाठी को पत्र भेजकर दो बाबुओं सहित तीन संविदाकर्मियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। करीब दो माह बीत जाने के बाद भी मामले में प्रगति होती नहीं दिख रही है।
एनएफएसएम में किसानों को वितरित किए गए लाभ की जांच एवं सत्यापन तत्कालीन संयुक्त कृषि निदेशक (दलहन) डॉ. पंकज त्रिपाठी की अध्यक्षता में शासन द्वारा गठित एक कमेटी ने किया था। कृषि निदेशक विवेक कुमार सिंह ने मार्च में भेजे गए पत्र में कहा कि एनएफएसएम के तहत कार्यरत सलाहकार व दोनों तकनीकी सहायकों की कार्यनिष्ठा संदिग्ध प्रतीत होती है। इनके द्वारा योजनांतर्गत कोई भी स्थलीय निरीक्षण नहीं किया गया और न ही उप कृषि निदेशक को वास्तविकता से अवगत कराया गया। मासिक रिपोर्ट तैयार करते समय इनके द्वारा वास्तविक व्यय आदि को स्पष्ट नहीं किया गया। जबकि पटल पर तैनात दोनों बाबुओं द्वारा न केवल गंभीर रूप से अनियमितता की गई बल्कि अधिकारियों को गुमराह भी किया गया। कृषि निदेशक ने दोनों बाबुओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति जेडीए बस्ती को दिया है।
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निर्धारित प्रक्रिया के तहत चल रही है कार्रवाई
संयुक्त कृषि निदेशक अविनाश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कृषि निदेशक का पत्र प्राप्त हुआ है। मामले में प्रक्रिया के तहत कार्रवाई चल रही है। जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।