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Basti News: भंडारगृह की निगरानी नहीं...गायब हो रहे बिजली के तार और महंगे उपकरण

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बस्ती। विद्युत निगम के भंडारगृह की निगरानी राम भरोसे होकर रह गई है। निगम के मुख्य भंडार गृह से लेकर परीक्षण अनुभाग के भंडारगृह की सुरक्षा रसूखदार बाबुओं के भरोसे छोड़ दी गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिम्मेदार अधिकारी भंडारगृह में सामग्रियों के सत्यापन भी नियमित नहीं करते हैं। इसी वजह से मनमाने ढंग से सामग्रियों की निकासी हो रहे हैं।
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ठेकेदार सेटिंग के जरिये इंडेंट बनवाकर बल्क में महंगे विद्युत उपकरणों की निकासी करवा रहे हैं। इसे साइट पर पहुंचाने के बजाय निजी अड्डों पर डंप किया जा रहा है। बाद इन सामग्रियों की कालाबाजारी कर दी जा रही है। इस तरह के कई मामले पकड़ में भी आ चुके हैं। विभागीय जानकार बताते हैं जिम्मेदारों की मिलीभगत से ही विद्युत उपकरणों की बल्क में निकासी होती है। जरूरत से दोगुने सामान का एस्टीमेट तैयार होता है।
इसी आधार पर इंडेंट तैयार कर सामग्रियों की निकासी कर ली जाती है। बाद में बचे हुए सामग्रियों की खेप बेचकर बंटवारा होता है। अंदरखाने की खबर हैं कि भंडारगृह में दस साल से अधिक समय से बाबुओं की तैनाती है। जिन्हें जिम्मेदार अफसरों ने प्रभारी का जिम्मा भी सौंप दिया है। स्थानांतरण होने के बाद भी कई बाबू अपनी सेटिंग के चलते रिलीव न होकर लंबे समय से एक ही पटल पर जमे हुए हैं।
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एक्सईएन और जेई में हुई थी तकरार
पिछले साल परीक्षण अनुभाग के भंडारगृह से मीटर केबिल गायब हो गया था। इसको लेकर एक्सईएन और तत्कालीन जेई में तकरार हो गई थी। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। तत्कालीन जेई ने स्टोर में ताला मार दिया था। हालांकि बाद में संबंधित जेई का गैर जनपद स्थानांतरण हो गया था। उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच भी की थी। बाद में प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया गया था। उस समय चार लाख से अधिक कीमत के केबिल गायब होने का मामला चर्चा में आया था।
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दो दिन पहले निजी परिसर से बरामद हुआ केबिल बाक्स, एफआईआर
विद्युत निगम के भंडार गृह से निकासी किए गए केबिल बाक्स पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के लोहिया धर्मकांटा के निकट एक निजी परिसर में पाया गया। शिकायत के बाद एसई विद्युत वितरण मंडल बस्ती की टीम ने परिसर में छापा मारा। यहां सरकारी सप्लाई की केसको कानुपर की 200 मीटर और पूर्वांचल कंपनी की 400 मीटर केबिल बरामद हुई। एसई इं. खालिद सिद्दीकी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मौके पर देवेंद्र नामक व्यक्ति मौजूद मिला। जिससे कोई सटीक जानकारी नहीं मिल सकी। सरकारी आपूर्ति के केबिल एवं अन्य विद्युत उपकरण को जब्त करके एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद विद्युत उपकेंद्र गिदही के अवर अभियंता विजय पाल ने पुरानी बस्ती थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराया है।
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साइट पर नहीं हो रहा सामग्री आपूर्ति का सत्यापन
विभागीय जानकार बताते हैं निगम के ठेकेदारों द्वारा इंडेंट के आधार पर निकासी किए गए विद्युत तार, केबिल, क्रॉस आर्म, लोहे के खंभे, इंसुलेटर, मीटर आदि उपकरणों का साइट पर सत्यापन नहीं किया जाता है। इसके अलावा ठेकेदार के स्टोर का भी सत्यापन नहीं हो रहा है। इसी वजह से भंडारगृह से सामग्री निकासी के बाद निजी अड्डों पर डंप कर दिया जाता है। यहीं नहीं भंडार गृह में बाहरी तत्वों की भी आवाजाही निरंतर बनी रहती है।
कोट
ठेकेदारों को इंडेंट के आधार पर ही भंडारगृह से सामग्री दी जाती है। अब इसका सत्यापन भी कराया जाएगा। शिकायत मिलने पर हम लोग सरकारी सप्लाई की केबिल को दो दिन पहले जब्त किए हैं। अब भंडारगृह पर भी सख्ती बरती जाएगी।
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-खालिद सिद्दीकी, एसई, विद्युत वितरण मंडल, बस्ती।
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