खाद उपलब्ध न होने से बी- पैक्स कलवारी समिति पर सन्नाटा। संवाद
बस्ती। यूरिया खाद की कालाबाजारी का खेल बड़े पैमाने पर हो रहा है। जिले के 17 थोक डीलरों के यहां यूरिया स्टॉक की नियमित निगरानी नहीं हो पा रही है। सूत्रों के अनुसार बड़े गोदामों से ही यूरिया की खेप चोरी छिपे नेपाल बार्डर पहुंचाई जा रही है। जहां से कैरियर मोटरसाइकिल और साइकिल से यूरिया खाद की ढुलाई कर सीमा पार कर रहे हैं। यूरिया कालाबाजारी की पुष्टि विभागीय जांच में भी अक्सर हो रही है।
विभागीय रिकार्ड में जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। मई महीने के आखिरी में 4250 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 625 प्रतिशत यूरिया 26567 एमटी उपलब्ध बताई गई। बावजूद इसके समितियों पर स्टॉक गायब है। किसानों का कहना है कि विभाग और प्रशासन की ओर से यूरिया की भरपूर उपलब्धता के दावे के बावजूद समितियों पर खाद नहीं मिल रहा है।
आम किसानों को गाड़ी नहीं पहुंचने की बात कहकर 4-6 दिन तक दौड़ाया जा रहा है। इस बीच अच्छी खासी मात्रा में यूरिया गायब हो जा रही है। जिम्मेदार अधिकारी समितियों का निरीक्षण भी नियमित नहीं कर रहे हैं। जिससे यूरिया की कालाबाजारी आम हो गई है।
किसानों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में खाद के अनाधिकृत विक्रेताओं के यहां भरपूर मात्रा यूरिया उपलब्ध है। इनके यहां 400 से 500 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से कालाबाजारी की यूरिया मिल रही है। इस सीजन में निजी क्षेत्र की 20 से अधिक दुकानों पर यूरिया वितरण में धांधली पकड़ी जा चुकी है। एक खाद विक्रेता के खिलाफ कालाबाजारी के आरोप में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
यूरिया के लिए समितियों का चक्कर लगा रहे किसान : मुंडेरवा। तेल, गैस संकट के बाद अब किसान यूरिया खाद कि लिए समितियों का चक्कर लगा रहे है। गन्ना सहकारी समिति मुंडेरवा, मनिकौरा, पकड़ी, पड़ियापार सहित अन्य समितियों पर खाद नहीं मिल रही है। मुंडेरवा सहकारी गन्ना समिति के गोदाम पर चार दिन से पहले खाद पहुंची है। डीडी (मशीन खोलने के लिए कोड) उपलब्ध न होने की वजह से वितरण नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को गोदाम इंचार्ज रणविजय वर्मा ने बताया कि सीडीओ के वहां से डीडी नहीं मिलने के कारण खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि विभाग की ओर से भारी भरकम यूरिया स्टॉक उपलब्ध होने का दावा झूठा है। यदि बड़े गोदामों का सत्यापन हो हकीकत सामने आ जाएगा। कलवारी समिति पर भी खाद उपलब्ध नहीं : कलवारी। राम जानकी मार्ग पर कलवारी में स्थित कृषक भारती सेवा केंद्र पर यूरिया तथा डीएपी दोनों खाद उपलब्ध हैं। सचिव शिवम गुप्ता ने बताया कि किसानों को बिना फार्मर रजिस्ट्री कराए खाद नहीं मिल पाएगा। वहीं टांडा मार्ग पर स्थित बी-पैक्स लिमिटेड कलवारी विकास खंड बहादुरपुर में खाद उपलब्ध नहीं है। सचिव विचित्र मणि वर्मा ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही खाद खत्म हो गई है।