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टेंपो-टैक्सी बने इतिहास, अब नहीं जारी होंगे नए परमिट

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टेंपो-टैक्सी बने इतिहास, अब नहीं जारी होंगे नए परमिट
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- प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शासन का फरमान जारी
- आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों का नहीं होगा नवीनीकरण
- अब ई-रिक्शा व सीएनजी वाहनों को दिया जाएगा प्रोत्साहन
- आरटीए की बैठक में रूटों का होगा निर्धारण, चलेंगे ई-रिक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अब पेट्रोल व डीजल से चलने वाले टेंपो-टैक्सी का संचालन इतिहास का हिस्सा बन जाएगा। कारण कि शासन ने नए टेंपो-टैक्सी का परमिट न जारी करने का फरमान जारी किया है और आयु सीमा पूरी कर चुके टेम्पो-टैक्सी का नवीनीकरण प्रतिबंधित कर दिया है।
पर्यावरण संरक्षण और वाहन जनित प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (परिवहन) राजेश कुमार सिंह के निर्देश पर बस्ती संभाग के आरटीओ प्रशासन सगीर अहमद अंसारी ने मंडल के सभी जिलों के एआरटीओ को निर्देशित किया है कि किसी भी हालत में टेंपो-टैक्सी (सवारी जीप, विक्रम व अन्य टैक्सी वाहन) के नए परमिट न जारी किए जाएं। इसके अलावा जिन टेंपो-टैक्सी की आयु सीमा पूरी हो चुकी हो उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया न शुरू की जाए। बल्कि उनकी जगह पर ई-रिक्शा व सीएनजी रिक्शा का संचालन अनुमन्य किया जाए। ई-रिक्शा के संचालन को लाभकारी एवं जन उपयोगी बनाए जाने के लिए संभागीय परिवहन प्राधिकरण (एआरटीए) के जरिए रूटों का निर्धारण किया जाए और उस पर संचालित होने वाले ई-रिक्शा की संख्या का भी निर्धारण किया जाए। बस्ती के एआरटीओ प्रशासन अरुण प्रकाश चौबे के अनुसार यह भी निर्देशित किया गया है कि अन्य जनपदों से एनओसी लेकर आने वाले वाले वाहनों को भी पंजीकृत न किया जाए और जिले के सभी वाहन डीलरों को भी इस नए नियम से अवगत करा दिए जाएं। जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर एक टीम गठित की जाएगी और रूटों का निर्धारण किया जाएगा, ताकि जल्द होने वाली आरटीए की बैठक में इसे अमलीजामा पहनाया जा सके।
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टेंपो-टैक्सी के नए परमिट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया है। बस्ती समेत संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर के एआरटीओ को इसके बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया गया है ताकि आरटीए की बैठक में की गई कार्रवाई पर मुहर लगाई जा सके।
- सगीर अहमद अंसारी, आरटीओ प्रशासन, बस्ती संभाग
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