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Basti News: नौ दिन बीता, जिला पंचायत सदस्य व उसके बेटे का सुराग नहीं, एसओजी ने भी डाला डेरा

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पैकोलिया। थाना क्षेत्र के औरातोंदा गांव निवासी तथा वर्तमान जिला पंचायत सदस्य हर्रैया द्वितीय जवाहरलाल पुत्र बद्री और उनके पुत्र दिवाकर विक्रम के गायब हो जाने और सुसाइड नोट मिलने के नौ दिन बाद भी पुलिस पता नहीं लगा पाई है। पुलिस मोबाइल एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों का पता लगाने में जुटी है। मगर अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
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इधर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वही सीएसपी के ग्राहक भी अपने रुपये वापस लेने के लिए परेशान हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस ने पहले ही गुमशुदगी दर्ज की थी। शुक्रवार को एसओजी टीम ने भी परिजनों और सीएसपी के कुछ ग्राहकों से पूछताछ की लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया। बता दें कि 15 अप्रैल की शाम पांच बजे जिला पंचायत सदस्य जवाहरलाल अपने बेटे दिवाकर विक्रम के साथ परिवार वालों को बिना बताए कहीं गायब हो गए थे।
जवाहरलाल करीब 10 वर्षों से मुलायम गंज तिराहे पर एक सीएसपी का संचालन करता है जो कि एसबीआई से संबद्ध बताया जा रहा था। खोजबीन में घर वालों को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। जिसमें वित्तीय अनियमितता और ब्याज पर लेन-देन के मामले से आजिज आकर आत्महत्या जैसा कदम उठा लेने का मामला लिखा था। सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि बैंकिंग अनियमितता लेन देन में गड़बड़ी होने व धमकियों से आजिज होकर बिना किसी को बताए घर से भागकर आत्म हत्या करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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जवाहर लाल ने सुसाइड नोट में लिखा है कि इस बैकिंग प्रकरण में मेरे किसी परिवार व सीएसपी में कार्य कर रहे किसी को कुछ पता नहीं है। मैं जवाहरलाल पिछले तीन सालों से करीब दस लोगों से मजबूरी में ब्याज पर पैसा लिया हूं। जो कि रकम 50 लाख के ऊपर हो गया है। इसमें बेटे दिवाकर को जबरन इस तरह के कदम उठाने को मजबूर करता था। इन सारी गड़बड़ी में स्वयं मेरा ही हाथ है।
मैं अपने फर्जी चेक पर तमाम ग्राहकों का फिक्स डिपाॅजिट किया हूं। इसलिए भागकर हम दोनों आत्महत्या करने पर मजबूर है। सुसाइड नोट मिलने पर परिवार में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी दर्ज किया था। इस मामले में नौ दिन बीत चुके है लेकिन अभी तक जिला पंचायत सदस्य व उसके बेटे का पता नहीं चल पाया है। इधर, एसओजी टीम ने भी परिजनों से पूछताछ की लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
प्रभारी निरीक्षक पैकोलिया अजय कुमार यादव ने बताया कि पुलिस टीम जिला पंचायत सदस्य व उसके बेटे का पता लगा रही है। एसओजी ने भी परिजनों और सीएसपी के ग्राहकों से पूछताछ की है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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