फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्षय रोगी खोजो अभियान : चार दिन में खोजे गए 26 रोगी

विज्ञापन
विज्ञापन
क्षय रोगी खोजो अभियान : चार दिन में खोजे गए 26 रोगी
विज्ञापन

डीएम ने जताई नाराजगी, विकास भवन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। क्षय रोगी खोज अभियान में चार दिन के भीतर मात्र 26 रोगी खोजने पर डीएम आशुतोष निरंजन ने असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक दिन ओपीडी में आने वाले खांसी के रोगियों का बलगम जांच कराने के लिए डॉक्टर रेफर करें। इसके साथ ही गांव में आशा प्रत्येक घर जाकर सुबह के समय संदिग्ध रोगियों का बलगम लेकर जांच के लिए सेंटर पर भेजें। उन्होंने नोडल अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया को निर्देशित किया कि जेल के भीतर भी कैदियों का बलगम लेकर जांच कराएं।
विज्ञापन

डीएम रविवार को विकास भवन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पाया कि ओपीडी में 190872 रोगी आए जिसमें से 3079 का बलगम जांच कराई गई। निश्चय योजना के तहत टीबी रोग का इलाज करा रहे हैं। केवल 1551 रोगियों को पुष्टाहार के लिए पांच सौ रुपये की धनराशि भेजी गई है जबकि जिले में कुल 3314 टीबी रोगी का इलाज चल रहा है। इसमें से 2252 का बैंक डिटेल प्राप्त किया गया है। डीएम ने शेष मरीजों का बैंक डिटेल प्राप्त कर धन भेजने का निर्देश दिया है।
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत अभी तक चश्मा खरीद किए जाने का टेंडर न किए जाने पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने इसके प्रभारी डॉ. सीएल कन्नौजिया को निर्देश किया कि वृद्धाश्रमव बाल संरक्षण गृह में रह रहे लोगों का नेत्र परीक्षण कराकर उन्हें प्राथमिकता पर चश्मा वितरित कराएं। गुटखा, पुकार या अन्य प्रकार की नशा करने वाले लोगों को इससे मुक्त कराने के लिए निकोटिनगम न खरीद किए जाने पर भी डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। निर्देश दिया कि आशा एवं अन्य संविदा कर्मियों का मानदेय माह की पहली या दूसरी तारीख को अवश्य भुगतान कर दिया जाए। सभी एमओआईसी समय से इन कर्मियों का बिल एवं उपस्थिति रिकॉर्ड समय से मुख्यालय को उपलब्ध करा दें। उन्होंने वित्त अधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी 273 उप केंद्रों की सफाई के लिए दिया जाने वाले रुपये की धनराशि समय से उपलब्ध कराएं। समीक्षा में उन्होंने पाया कि जिले की 1697 ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति में से 1544 के खाते में ही धन हस्तांतरित किया गया है। शेष 153 समितियों के खाते अभी तक नहीं खुले हैं। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि संबंधित आशा एवं ग्राम प्रधान का संयुक्त खाता खुलवाएं, ताकि इसमें भेजी गई धनराशि से गांव में सफाई एवं पोषण के लिए कार्य किया जा सके।
विज्ञापन

डीएम ने आशाओं के मानदेय के भुगतान की स्थिति पर भी असंतोष व्यक्त किया। समीक्षा में उन्होंने पाया कि राज्य स्तर पर औसतन एक आशा को 4400 से अधिक रुपये मानदेय के रूप में भुगतान किया जा रहा है। कहीं-कहीं पर तो या 5200 से भी अधिक है। जबकि जिले में यह 4590 रुपये ही है। सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका ने कहा कि शासन से विभिन्न मदों में प्राप्त धनराशि का समय से खर्च किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक का संचालन राकेश पांडेय ने किया। सीएमओ डॉ. एके गुप्ता, डॉ. सीके वर्मा, डॉ. फखरेयार, डॉ. सीएल कन्नौजिया, डॉ. सुषमा सिन्हा, डॉ. रोचस्पति पांडे, डॉ. विजय यादव, डॉ. स्मृति, डॉ. स्वाति त्रिपाठी, आईए अंसारी एवं मेडिकल ऑफिसर गण उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें