बहादुरपुर, बस्ती। अंबेडकरनगर को जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने कलवारी-टांडा पुल पर शनिवार से तीन माह बाद आवागमन बहाल हो गया है। अभी हल्के वाहनों को आवागमन की अनुमति दी गई है। आवागमन शुरू होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली है। एनएचएआई आजमगढ़ की ओर से पुल पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए तीन माह से पुल पर आवागमन ठप रहा। शनिवार को पुल पर लेपन कार्य पूर्ण होने के बाद हल्के चार पहिया वाहनों के आवागमन की अनुमति दे दी गई। हल्के वाहनों की अनुमति से नौकरीपेशा और व्यवसायियों को जिन्हें काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा था अब उनकी यात्रा सुगम हो गई है।
बताया गया कि 2300 सौ मीटर लंबे पुल के मरम्मत के लिए 12 सितंबर से बंद कर दिया गया था। पुल बंद होने के कारण आम लोगों को आवागमन में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा था, जिसको लेकर पूर्व सांसद बस्ती भी पत्राचार कर चुके थे। अधिकारियों की सख्ती के बाद कार्यदायी संस्था ने अधिकतर कार्य कार्य पूरा कर पुल से आंशिक रूप से आवागमन को बहाल कर दिया है। बताया गया कि पुल पर लेपन का कार्य पूर्ण हो चुका है। अब 72 सस्पेंशन बदलने के अलावा रंग-रोगन का कार्य बाकी है।
इसके अलावा पोल पर स्ट्रीट लाइटें लगवा दी गई हैं, लेकिन, अभी सप्लाई न होने से लाइटें जल नहीं रही हैं। एनएचएआई के पीडी एसपी पाठक का कहना है कि पुल पर अधिकांश कार्य हो चुके हैं। कुछ कार्य शेष है। अभी चार पहिया वाहन यानी हल्के वाहन के लिए खोल दिया गया है। बताया गया कि अंबेडकर नगर जिले में लगने वाले गोविंद साहब मेले में बस्ती जिले के हजारों लोग मेला देखने जाते हैं जिन्हें पुल बंद होने के कारण काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा था।
प्रेम त्रिपाठी ने बताया की पुल चालू होने से आम लोगों को आवागमन में सुविधा होगी इससे लोगों का समय के साथ पैसे की भी बचत होगी। संकटा सिंह ने बताया पुल के मरम्मत का कार्य सुस्त होने की शिकायत हुई थी। पुल के मरम्मत होने से सफर आसान हो गया है। हल्के वाहनों का आवागमन शुरू हो गया।