हत्या के जुर्म में पति को आजीवन कारावास
बस्ती। विशेष सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट बृजेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने पत्नी की हत्या के जुर्म में दोषी करार देते हुए पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अदा करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि संतकबीर नगर जिले के कोतवाली थाने के निचौरा निवासी मनमोहन गुप्ता ने थाना रुधौली में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें कहा कि उसने बेटी लीलावती की शादी उक्त थाने के हर्रैया मिश्र निवासी राम बेलास के साथ घटना से 15 वर्ष पहले की थी। दोनों से तीन बच्चे दीपक, सोनू व श्याम गुप्ता हैं। आरोप लगाया कि राम बेलास पत्नी पर शक करता था। मुंबई में काम करने वाले राम बेलास पत्नी और बच्चों को भी साथ ले गया। मुंबई में राम बेलास को शक हुआ कि कोई उसका पीछा करता है जिससे उसकी हत्या हो सकती है। इसी वजह से पत्नी और बच्चों को गांव ले आया। खुद मुंबई कमाने चला गया। इस दौरान पत्नी मायके चली गई। मुंबई से गांव आने की बात पर राम बेलास के पिता अपनी बहू को उसके मायके से घर ले आए। कुछ दिन बाद राम बेलास भी घर आ गया। 31 अक्तूबर-2015 को शाम चार बजे घर में अकेला पाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी, जिसे आत्महत्या दिखाने के लिए पत्नी को फांसी के फंदे से लटका दिया। किसी ने फोन से मायके वालों को सूचना दे दी। आननफानन में मृतका के पिता मनमोहन गुप्ता बेटी की ससुराल पहुंचे। बेटी को मृत पाया। इसकी सूचना उसी दिन थाने पर दी। रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या के आरोप में आरोप पत्र दाखिल हुआ। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी पति को हत्या के जुर्म में दोषी करार देते हुए उक्त् सजा सुनाई।