ऐतिहासिक पांडवों की विरासत नगरी झुंगीनाथ (पंडुलघाट) पूरे बस्ती जिले में आस्था का केंद्र है। अज्ञातवास के समय पांडवों ने यहां पर काफी समय बिताया था। पांडवों ने पूजा करने के लिए झुंगीनाथ में शिवलिंग की स्थापना की थी। तभी से यहां आस्था का केंद्र बना हुआ है। वहीं, पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से अब इस स्थान को नई पहचान मिलेगी, जो रोजगार के भी नए रास्ते खोलेगा।
कप्तानगंज से दुबौलिया मार्ग पर सात किलोमीटर दूरी पर मनोरमा नदी के किनारे झुंगीनाथ पांडव नगर का मंदिर है। इस शिव मंदिर की बड़ा ही ऐतिहासिक महत्व है। क्षेत्रीय लोगों के साथ-साथ जिले भर के श्रद्धालु यहां दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर का भारतीय पौराणिक स्थलों में महत्वपूर्ण स्थान हैं।
अज्ञातवास के समय पांडवों ने यहां पर काफी समय बिताया था, जिसकी झलक आस-पास के गांवों में आज भी देखने को मिल जाती है। मंदिर के पुजारी जयप्रकाश दास बताते हैं कि मंदिर के पूरब पांडवों का भोजन बनता था, जो रसोइया गांव के रूप में आज भी विद्यमान हैं। मनोरमा नदी में भीमकुंड के नाम से एक जगह है।