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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ा संक्रमण का खतरा

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दुबौलिया क्षेत्र के पारा ठोकर का मरम्मत करते मजदूर। - फोटो : BASTI
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ा संक्रमण का खतरा
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विक्रमजोत/दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर कम होने लगा है, लेकिन जलभराव के चलते ग्रामीणों को अब संक्रामण फैलने का डर सता रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर रहा। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि शाम पांच बजे जलस्तर 93.12 मीटर रिकार्ड किया गया।
सरयू नदी के जलस्तर से विक्रमजोत ब्लॉक के चार गांव अब भी पानी के घेरे में हैं। मुख्यमार्ग व संपर्क मार्गों पर पानी भरा हुआ है। कल्यानपुर, भरथापुर, पड़ाव, संदलपुर, चानपुर आदि गांवों में चारों ओर से पानी भरा है। संदलपुर गांव के लोगों को कटान का डर सताने लगा है। शुक्रवार को पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य बौद्ध अरविंद सिंह पटेल, अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने संदलपुर गांव में हो रही कटान का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और निस्तारित करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रधान के प्रतिनिधि संतोष कुमार शुक्ल, राहुल कुमार, रबी निषाद, सालिक राम, बलराम, रामकुमार आदि मौजूद रहे।
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दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ प्रवाहित गांव में राहत के आसार नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। बाढ़ के पानी से घिरे गांव सुविखा बाबू व आंशिक टेढ़वा के लोग नाव के सहारे जरूरतें पूरी कर रहे हैं। विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, भुअरिया, खजांचीपुर गांव के पुरवे के सिवान में पानी फैल रहा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के पास बैठे ठोकर का मरम्मत कार्य बोल्डर से जारी है। एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया की तटबंध पर बैठे ठोकर की मरम्मत लगभग पूरी हो चुकी है। तटबंधों पर स्थिति सामान्य बनी हुई है।
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