नगर बाजार में पीतल का बर्तन खरीदते लोग-संवाद
पुरानी बस्ती। खरमास 14 अप्रैल से समाप्त हो रहा है और 15 से सहालग की धूम मचेगी। लेकिन बिटिया की विदाई में बर्तन देना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। पीतल के भाव सितंबर 2025 के 580 रुपये किलो से बढ़कर 750 रुपये किलो तक पहुंच गया है। ऐसे में बेटी की विदाई में पीतल का बर्तन देना महंगा होगा।
दक्षिण दरवाजा निवासी अजय कुमार ने बताया कि रेट बढ़ने के कारण पीतल के बर्तनों की बिक्री कम रहेगी। इसकी जगह स्टील व नाॅनस्टिक ने लिया है। पीतल 15 सितंबर 2025 को 580 रुपये प्रति किलो के भाव पर था, वह 31 मार्च 2026 में बढ़कर 750 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी है। कारोबारी दीपक कन्नौजिया का कहना है कि बर्तन कारोबारी वर्तमान में दोहरी मार झेल रहे हैं। कच्चे माल (सिल्ली) के दाम बढ़ने से पीतल के बर्तन महंगे हुए हैं इसकी जगह नाॅनस्टिक बर्तन अधिक मंगाए गए हैं।
नगर पालिका की रोशनी वर्मा, गरिमा ने बताया इसी माह घर में बेटी की शादी है। अभी जेवर कपड़े की खरीदारी हुई। बर्तन खरीदारी करनी है, लेकिन पीतल के भाव बढ़े हैं। खरीदारी नाॅनस्टिक का किया जाएगा।