बस्ती। रसोई गैस एजेंसियों पर सोमवार के दिन ताला लगा रहा। सिलिंडर के लिए लोग भटकते दिखे, कोई जुगाड़ भी काम नहीं आ रहा है। साप्ताहिक बंदी के कारण जिले की सभी 40 एजेंसियां बद रहीं। इस दौरान कंट्रोल रूम से लेकर एजेंसी संचालक, मैनेजर तक के फोन बजते रहे। जरूरतमंद उपभोक्ता अगली सुबह की प्रतीक्षा में हैं।
रसोई गैस की समस्या अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। एजेंसी संचालकों का अनुमान है कि यदि कंपनियों से अगले एक सप्ताह तक नियमित सिलिंडरों की आपूर्ति होती रही तो कतार लगनी बंद हो जाएंगी। बुकिंग पर होम डिलीवरी भी होने लगेगा, फिलहाल अभी तो समस्या बनी हुई हैं। ज्यादातर उन उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बढ़ गई हैं जिनके पास कनेक्शन से संबंधित कोई प्रपत्र नहीं है।
ऐसे उपभोक्ता सिलिंडरों के लिए जुगाड़ लगाते फिर रहे हैं। एजेंसी पर बिना प्रपत्र के कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यह लोग ब्लैक में सिलिंडर खरीदने के लिए तैयार हैं। कुछ लोगों को सेटिंग करने पर 976 रुपये का सिलिंडर 1500 से दो हजार रुपये देने के बाद उपलब्ध हो जा रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि कुछ एजेंसियों पर कर्मचारियों से सेटिंग करने पर महंगे दर पर रसोई गैस चोरी चुपके मिल रहा है। पिकौरा शिवगुलाम के अजीत कुमार बताते हैं कि 20 दिन पहले तक रसोई गैस की कोई समस्या नहीं थी।
10- 12 साल पहले जब सब्सिडीयुक्त सिलिंडर 400 से 500 रुपये में आता था तो समस्या बनी रहती थी। सभी एजेंसियों पर लोग लाइन लगाकर सिलिंडर लेते रहे। उस समय कालाबाजारी भी खूब होती थी। बाद में सिलिंडर कभी 900 तो कभी एक हजार में जब मिलने लगा तो आपूर्ति की समस्या खत्म हो गई।
हॉकर को फोन करने के कुछ देर बाद घर पर सिलिंडर पहुंच जाता था। दस साल तक इसी तरह की व्यवस्था चलती रही। महज 50 से 60 रुपये मिलने वाली सब्सिडी की भी लालच खत्म हो गई। रसोई गैस उपभोक्ता के रोजमर्रा के जरूरत की वस्तु हो गई है। इसे आसानी से ही सुलभ होना चाहिए।
वहीं खीरीघाट के दीनानाथ ने बताया कि इधर जब से ऑयल कंपनियों की ओर से घरेलू और काॅमर्शियल रसोई गैस की आपूर्ति कम कर दी गई तब से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। गैस पासबुक बहुत खोजने पर मिल भी रहा है तो केवाईसी न होने से बुकिंग नहीं हो पा रही है। एजेंसियों पर भीड़ के चलते कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
10,606 सिलिंडरों की हुई आपूर्ति, संकट होगा खत्म : विभिन्न कंपनियों की ओर से सोमवार को रसोई गैस रिफिल की आपूर्ति की गई। भारत गैस कंपनी ने आठ एजेंसियों पर 4108, इंडेन गैस कंपनी ने पांच एजेंसियों पर 2052 और एचपी गैस कंपनी ने 13 एजेंसी पर 4446 सिलिंडरों की आपूर्ति की है। 14 गैस एजेंसियों पर सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हुई है।