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Basti News: मजिस्ट्रेट और पुलिस की फर्जी मुहर से जाली दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के चार गुर्गे गिरफ्तार

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परशुरामपुर थाने में पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। स्रोत- विभाग - फोटो : जहांगीराबाद में सजा खाटू श्याम का दरबार।
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बस्ती। परशुरामपुर पुलिस को रविवार को बड़ी कामयाबी मिली है। थाना क्षेत्र के एक सहज जनसेवा केंद्र पर फर्जी मुहर से दिव्यांग प्रमाणपत्र समेत अन्य फर्जीवाड़ा कर ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा गया है। पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करने में प्रयुक्त किए जा रहे एक लैपटॉप, चार मुहर, एक लेमिनेशन मशीन, एक इंक पैड, आठ आधार कार्ड, दो प्रिंटर एवं आठ फर्जी प्रमाणपत्र भी बरामद किया है।
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गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह एवं थानाध्यक्ष परशुरामपुर विश्वमोहन राय ने बताया कि सहज जनसेवा केंद्र में मजिस्ट्रेट व पुलिस के नाम से फर्जी मुहर से प्रपत्र तैयार करने की जानकारी मुखबिर से मिली। इसके बाद पता चला कि परशुरामपुर थाने के बगल में सहज जनसेवा केंद्र में कुछ लोग मौजूद हैं। जहां से फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर लोग भिख मांगने का काम करते हैं। संबंधित जनसेवा केंद्र पर पुलिस ने तत्काल छापा मारा और गुमटी में बैठे चार लोग मौके से पकड़े गए।
पूछताछ में एक ने अपना नाम कुलदीप (19) निवासी रानीजोत थाना धानेपुर जनपद गोंडा बताया। दूसरे युवक की पहचान रज्जन (22) निवासी चौबेपुर थाना नवाबगंज, गोंडा, तीसरे की पहचान मिथुन (16) निवासी करदा थाना वजीरगंज, गोंडा और चौथे युवक की पहचान शनि कुमार (26) निवासी रतनपुर थाना परशुरामपुर, बस्ती के रूप में की गई। पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि उसने शनि से दो फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया है। जिसे दिखाकर आमजन के बीच पैसा आदि मांगता है।
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एक प्रमाण पत्र में कुलदीप का नाम और फोटो मिला। इसका लेमिनेशन भी पाया गया। दूसरे प्रमाण पत्र पर गुजारिश पत्र लिखा हुआ मिला। जिस पर अरमान अली का नाम अंकित था। दोनों प्रमाण पत्रों पर एक ही फोटो लगा था। दोनों पर पुलिस इंस्पेक्टर सिवान बिहार एवं डीएम सिवान का मुहर युक्त फर्जी हस्ताक्षर भी पाया गया। पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने स्वीकार किया कि हम लोगों का यहीं व्यवसाय है।
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