फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में बाढ़ से 102 गांव प्रभावित, संवेदनशील तटबंधों पर रखी जा रही नजर, सरयू स्थिर

विज्ञापन
विज्ञापन
विशेष सचिव शाहिद मंजर अब्बास ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा, बांटी राहत सामग्री व दवाइयां
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। जिले में बाढ़ से 102 गांवों के करीब 6069 लोग प्रभावित हैं। आठ गांव जलमग्न हैं। 4924 हेक्टेयर फसल पानी में डूबी है। रविवार को बाढ़ की इस स्थिति का विशेष सचिव पंचायती राज शाहिद मंजर अब्बास रिजवी ने जायजा लिया। राहत सामग्री के साथ दवाइयों का भी पीड़ितों में वितरण किया। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया।
विशेष सचिव ने दुबौलिया विकास खंड में धरमूपुर मुस्तकहम में बंधे का निरीक्षण किया। बाढ़ चौकी देखी और कटरिया जाकर विभिन्न गांवों के बाढ़ पीड़ितों को राशन सामग्री का वितरण किया। ग्रामीणों ने उनसे सुबिखा बाबू गांव को जाने वाली सड़क बनवाने की मांग की। शासन की ओर से जिले में विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा एवं अनुश्रवण के लिए उन्हें नामित किया गया है। निरीक्षण को जाने से पहले उन्होंने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। अपर जिलाधिकारी अभय कुमार मिश्र ने बताया कि जिले में बाढ़ से कुल 102 गांव प्रभावित हैं। इसमें से आठ गांव मैरुंड(जलमग्न) हैं। लगभग 6069 आबादी प्रभावित है। कुल 36 नावें लगाई गई हैं। 16 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जहां तीन शिफ्ट में अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। तीस बाढ़ शरणालय भी बनाए गए हैं। एडीएम ने बताया कि बाढ़ से अभी तक कोई जन हानि या पशु हानि नहीं हुई है। कुल 4924 हेक्टेयर फसल पानी में डूबी है। 3874 परिवारों को क्लोरीन टेबलेट, 825 को ओआरएस घोल वितरित किया गया है। विभिन्न बीमारियों से 264 लोगों का उपचार किया गया है। तहसीलदार चंद्रभूषण प्रताप ने बताया कि सुबिखा बाबू में 73, एहतमाफी में 32 तथा मुस्तकहम में छह लोगों को राहत सामग्री का वितरण किया गया है। बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, एसडीएम हर्रैया सुखवीर सिंह तथा अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दिनेश कुमार, खंड विकास अधिकारी दुबौलिया श्वेता वर्मा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश सिंह उपस्थित रहे।
विज्ञापन

----------------------
आठ तटबंध संवेदनशील, रखी जा रही नजर
अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दिनेश कुमार ने बताया कि जिले में कुल आठ संवेदनशील बंधे है और सभी सुरक्षित हैं। लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध, विक्रमजोत-धुसवा, काशीपुर-दुबौलिया, कटरिया-चांदपुर, चांदपुर-गौरा तटबंध, गौरा-सैफाबाद, सैफाबाद-कलवारी तथा कलवारी-रामपुर तटबंध की सतत निगरानी की जा रही है। सभी तटबंध सुरक्षित है।
विज्ञापन

लोग बोले, दो स्थानों पर हो रहा कटान
सरयू का जलस्तर तेजी से घट रहा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांव सुविखा बाबू गांव के ग्रामीण नाव के सहारे ही आ-जा रहे हैं। बाढ़ राहत सामग्री लेने के लिए 12 नावों पर सवार होकर लोग डेढ़ किलोमीटर का सफर तय कर कटरिया तटबंध पर पहुंचे। एक महिला अपने दुधमुंहे मासूम के साथ बाढ़ राहत सामग्री लेने पहुंची थी। ग्रामीणों ने बताया की गांव में कोई अधिकारी अभी तक गया नहीं है। तटबंध पर उन्हें बुलाया जाता है। वहीं, भनखरपुर गांव के पास कटान हो रहा है। तो पाही माफी गांव के पास भीषण कटान करती हुई धारा तटबंध की तरफ बढ़ रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें