तीन साल के लिए डिबार किया गया परीक्षा केंद्र
डीआईओएस के छापे में परीक्षा के नौ दिन पहले ही खुला मिला था लिफाफा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान राकेश कुमार मिश्र मीरा देवी इंटर कॉलेज केवटली में 2020 की इंटर के अर्थशास्त्र विषय के प्रश्नपत्र का लिफाफा खुला मिला था, जिसे डीआईओएस डॉ. बृजभूूषण मौर्या ने पकड़ा था। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसकी जांच परीक्षा समिति ने की। जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार को आ गई। रिपोर्ट में केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक को तीन वर्ष के लिए बोर्ड परीक्षा कार्य से वंचित करते हुए विद्यालय को तीन वर्ष के लिए डिबार कर दिया गया है।
24 फरवरी 2020 की शाम को केंद्र पर इंटरमीडिएट नागरिक शास्त्र एवं रसायन विज्ञान की परीक्षा होनी थी। नागरिक शास्त्र का संकेतांक 323 एवं रसायन विज्ञान का संकेतांक 347 था। इस केंद्र पर इंटर अर्थ शास्त्र संकेतांक 329 का कोई भी छात्र पंजीकृत नहीं था। केंद्र पर इंटर अर्थ शास्त्र संकेतांक 329 का पैकेट, जिसकी परीक्षा तीन मार्च-2020 को होनी थी, लेकिन इंटर अर्थ शास्त्र 9 का पैकेट भी खोल दिया गया, जिससे परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई। प्रश्नपत्र को समय से पहले खोलने के आरोप मे अंजनी देवी (प्रधानाचार्य) केंद्र व्यवस्थापक, राहुल मिश्रा परीक्षा प्रभारी, राम पूजन लिपिक, कुसुम शुक्ला सहायक अध्यापक, सौरभ शुक्ला सहायक अध्यापक के खिलाफ यूपी सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। इसकी जांच परीक्षा समिति ने की। केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक को तीन वर्ष के लिए बोर्ड परीक्षा कार्य से वंचित करते हुए विद्यालय को तीन वर्ष के लिए परीक्षा केंद्र न बनाने का निर्णय लिया।
डीआईओएस डॉ. बृजभूषण मौर्या ने कहा कि बोर्ड की ओर पत्र प्राप्त हुआ है, उसके अनुसार संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।