बस्ती। दरोगा प्रकरण में पुलिस भी असहज है। एक तरफ स्टाफ का मामला है तो दूसरी ओर मामले के पर्दाफाश का दबाव भी बढ़ने लगा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को दरोगा के कुछ करीबियों पर भी संदेह है। हालांकि पुलिस इस मुद्दे पर फूंक-फूंककर कदम उठा रही है। पुलिस पहले पूरे घटनाक्रम का साक्ष्य सहित ब्लू प्रिंट तैयार करने में जुटी है।
पुलिस महकमे में चर्चा है कि थानाध्यक्ष का प्रभार संभाल रहे दरोगा अजय गौड़ का पांच फरवरी को लापता होने से पहले किसी करीबी से फोन पर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि निकट के एक व्यक्ति को उन्होंने कुछ रुपये भी भेजे थे। बाद में संबंधित व्यक्ति ने उनके रुपये वापस कर दिए। चर्चा है कि इसके बाद दरोगा अजय गौड़ काफी व्यथित हुए थे। फिलहाल, इन मुद्दों पर पुलिस अभी खुलकर काम नहीं कर पा रही है।
महकमे में प्रथमदृष्टया दरोगा के खुदकुशी करने की चर्चा है। सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह एवं स्वाट और एसओजी टीम दरोगा से जुड़े डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने में जुटी है। सरयू पुल से दो सौ मीटर पहले तक दरोगा को बाइक से अकेले जाने का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगा है। इसके आगे का फुटेज तलाशा जा रहा है। दरोगा की बाइक अमहट तक कैसे पहुंची इस बिंदु पर भी छानबीन शुरू कर दी गई है। पूरे घटनाक्रम का ब्लू प्रिंट तैयार करने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ पाएगी।