बस्ती। यूरिया वितरण व्यवस्था में रिटेलरों की अभी अहम भूमिका नहीं बन पाई है। कई रिटेलर तो यूरिया वितरण से अपने को अलग कर लिए हैं। जानकार बता रहे हैं कि निजी क्षेत्र के डीलर रिटेलरों से यूरिया का अधिक मूल्य वसूल रहे हैं। इस वजह से निजी दुकानदार डिमांड भेजने से कतराने लगे हैं। उनका तर्क है कि इस समय यूरिया को लेकर माहौल गर्म है। अधिक मूल्य पर यूरिया बेचने पर उन्हें किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। ऊपर से कार्रवाई भी झेलनी पड़ रही है।
एक दिन पहले भाजपा के ही पूर्व विधायक संजय जायसवाल ने डीलरों के इस खेल का खुलासा करते हुए मामले को तूल दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर निजी क्षेत्र के उर्वरक डीलरों पर 250 रुपये की जगह 350 रुपये में रिटेलरों को यूरिया देने की शिकायत की है। हालांकि महकमा अभी डीलरों पर अंकुश लगाने की पहल नहीं की है। लेकिन, सूत्र बता रहे हैं कि बिगड़े माहौल में अधिकतर रिटेलर अधिक मूल्य पर खाद बेचने से इन्कार कर रहे हैं।
डीलरों से 90 रुपये प्रति बोरी अधिक मूल्य लिए जाने के कारण निर्धारित दर 267 रुपये पर बिक्री नहीं की जा सकती है। रिटेलरों का कहना है कि इस हिसाब से जब 400 रुपये प्रति बोरी यूरिया बिकेगा तभी दुकानदार का परता आएगा। यही वजह है कि सहकारी समितियों की अपेक्षा निजी क्षेत्र को अधिक यूरिया आवंटित होने के बाद भी जिले के 1200 रिटेलरों में महज 125 रिटेलरों ने ही यूरिया प्राप्त किया है। एक हजार से अधिक रिटेलर अब तक यूरिया की खेप नहीं उठाए हैं।