सेवानिवृत्ति के बाद भी सूर्य प्रताप जगा रहे शिक्षा की अलख
दस किलोमीटर साइकिल चलाकर रोज समय से पहुंचते हैं स्कूल
विक्रमजोत (बस्ती)। सेवानिवृत्त के बाद भी सूर्य प्रताप नारायण पांडेय शिक्षा की अलख जगाने में जुटे हैं। विक्रमजोत विकास क्षेत्र के संत तुलसीदास इंटर कॉलेज बस्थनवां में वह सेवा में रहने के समय की तरह अब भी अंग्रेंजी विषय की शिक्षा दे रहे हैं।
शिक्षा के व्यवसायीकरण होने के दौर में भी कुछ ऐसे शिक्षक हैं, जो शिक्षा को समाजसेवा के नजरिए से देखते हैं। परशुरामपुर ब्लॉक के बरहपुर पांडेय निवासी सूर्य प्रताप नारायण पांडेय इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। कठिन परिश्रम व सीमित संसाधनों के बाद भी पूरी तन्मयता के साथ बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। वह आज भी पुरानी साइकिल से 10 किलोमीटर रोजाना सफर तय कर समय से स्कूल पहुंच कर अपना आदर्श स्थापित कर रहे हैं।
वर्ष 1983 से विद्यालय में इंटर की कक्षाओं में अंग्रेजी विषय के लिए वित्तविहीन व्यवस्था के अंतर्गत नियुक्त हुए थे। मार्च 2021 में अधिवर्षिता आयु पूरी कर सेवानिवृत हो गए। इसके बाद भी उनका स्कूल आने का क्रम नहीं टूटा। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि ज्ञान की प्राप्ति ज्ञान देने से ही संभव है। घर बैठने से अच्छा है कि शिक्षण का क्रम चलता रहे। वर्तमान में उनके पढ़ाए कई विद्यार्थी देश-प्रदेश के अलग-अलग विभागों में उच्च पदों पर आसीन हैं।
रिटायर होने के बाद दे रहे निशुल्क शिक्षा
तीन साल से निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं विजय बहादुर सिंह
अमित श्रीवास्तव
महराजगंज (बस्ती)। सेवानिवृत होने के बाद भी शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षक विजय बहादुर सिंह विद्यार्थियों को पढ़ाए बिना नहीं रह पाते हैं। तीन साल से वह निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं।
कप्तानगंज ब्लॉक के पेंदा गांव के रहने वाले विजय बहादुर सिंह ने पढ़ाई की शुरुआत गांव के प्राथमिक स्कूल से की। हायर सेकंडरी स्कूल की पढ़ाई औद्योगिक विकास इंटर कॉलेज बिहरा बाजार से पूरा किया और स्नातक की शिक्षा एपीएन पीजी कॉलेज, परास्नातक शिक्षा गोरखपुर विश्वविद्यालय से की। वर्ष 1981 में वह महाजन इंटर कालेज हर्रैया में सहायक पद पर तैनात हुए। वर्ष 1983 में केंद्रीय विद्यालय एससी सेंटर बंगलुरू में तैनाती मिली। असम, गुवाहाटी, सुल्तानपुर, नगालैंड में शैक्षिक कार्य किया। वर्ष 2017 के जून में वह मनकापुर केंद्रीय विद्यालय से सेवानिवृत हो गए। इसके बाद से वह हर्रैया ब्लॉक के श्रीमती सावित्री सिंह इंटर कॉलेज भदावल में विद्यार्थियों को निशुल्क पढ़ाने लगे।
शिक्षक विजय बहादुर सिंह ने बताया कि उनका प्रयास समाज के गरीब विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देकर आगे बढ़ाना है। सेवाकाल में वह कई प्रांतों में रह चुके हैं। अब बची जिंदगी को क्षेत्र के विद्यार्थियों के बीच में गुजारेंगे। वह समय से स्कूल पहुंच जाते हैं और पढ़ाने के साथ-साथ स्कूल में पौधरोपण, साफ-सफाई और अनुशासन पर विशेष ध्यान देते हैं। उनके सराहनीय पहल से स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. लाल बहादुर सिंह, डॉ. राम नरेश सिंह मंजुल, प्रबंधक योगेंद्र बहादुर सिंह और डॉ. योगेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक विजय बहादुर सिंह सबके लिए प्रेरणा स्रोत हैं। अगर समाज में सभी लोगों की सोच शिक्षा के प्रति ऐसी हो तो शिक्षा में काफी सुधार हो जाएगा।
सेवानिवृत्त शिक्षक सूर्य प्रताप नाराण पांडेय।- फोटो : BASTI