समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता आवासीय कार्यशाला को संबोधित करते डीएम नरेंद्र सिंह पटेल।
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बस्ती। जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह पटेल ने समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता संबंधी पांच दिवसीय आवासीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इसमें बस्ती और संतकबीरनगर जिले के 70 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर खुले में शौच को रोकने और स्वच्छता के लिए वातावरण बनाने का काम करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और विकास एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थ व्यवस्था और विकास की दर पड़ोसी देशों से अच्छी है लेकिन हमारे 60 प्रतिशत घरों में शौचालय होते हुए उसका उपयोग केवल 40 प्रतिशत लोग ही करते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों की सोच बदलने के लिए खुले में शौच के दुष्परिणामों को बताना होगा।
उन्होंने कहा कि बहू-बेटियों का शौच के लिए खेतों में जाना हमारे लिए शर्म की बात है। एक तरफ तो महिलाओं को हम देवी का रूप मानते हैं और दूसरी ओर शौचालय की व्यवस्था और उपयोग के प्रति उदासीन बने रहते हैं। प्रशिक्षुओं से कहा कि उनमें यह विश्वास होना चाहिए कि वह कार्यशाला के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि खुले में शौच से पास-पड़ोस के लोगों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है।
इसलिए समग्र रूप से इस चेतना का संचार होना आवश्यक है कि खुले में कोई भी व्यक्ति शौच न करे। उन्होंने कहा कि शौचालय का निर्माण करवाना और शौचालयों का उपयोग करना कठिन नहीं है। आवश्यकता है आम लोगों में सकारात्मक सोच का सृजन हो। जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने संकल्प शक्ति का उपयोग खुले में शौच रोकने के लिए करें और एक दूसरे को इसके लिए प्रेरित भी करें। इस मौके पर संयुक्त निदेशक पंचायत एसके पटेल, संजय कुमार शुक्ला, कमलेश्वर, शिवाकांत, सुधीर प्रधान आदि मौजूद रहे। कार्यशाला का संचालन डीपीसी विष्णु देव तिवारी एवं राजा शेर सिंह ने किया।