कलवारी। कथा सुनने से मानव जीवन में संस्कार का उदय होता है। जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थिति क्यों न आ जाए, मनुष्य को अपना धर्म, धैर्य व संस्कार नहीं छोड़ना चाहिए। ये बातें कुदरहा के मिश्रौलिया गांव में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन धाम से आए अजय कृष्ण शास्त्री ने कहीं।
उन्होंने कहा कि ऐसे ही मनुष्य जीवन के रहस्य को समझ सकते हैं, जिसकी भगवान के चरणों में प्रगाढ़ भक्ति है। भागवत कथा से कल्याणकारी और कोई दूसरा साधन नहीं है इसलिए मनुष्य को व्यस्त जीवन से समय निकालकर कथा अवश्य सुननी चाहिए। कथा में रामकल्प पाठक, कुलदीप मिश्रा, राहुल मिश्रा, प्रशांत दूबे, धर्मेंद्र, धीरज, रामबृक्ष, रामबचन, संतलाल, शशि, किरन आदि उपस्थित रहे।