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लॉकडाउन का फायदा उठा फंसा रहे जालसाज

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लॉकडाउन का फायदा उठा फंसा रहे जालसाज
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ऑनलाइन शॉपिंग का झांसा देकर कर रहे ठगी
कभी ऑफर तो कभी लिंक भेजकर बना रहे शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लॉकडाउन के कठिन दौर में लोग घरों में हैं। ऐसे में ऑनलाइन लेनदेन बढ़ गया है। इसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। कॉल करके लोगों को कभी मोबाइल का बिल कम कराने तो कभी आधी से कम कीमत में मोबाइल दिलाने का झांसा दे रहे हैं। कई लोगों के पास शातिरों के फोन आते हैं, लेकिन वे सतर्कता रखकर ठगी का शिकार होने से बच जाते हैं।
गनेशपुर क्षेत्र के एक युवक के पास दो दिन पहले एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि एक कंपनी से बोल रहे हैं। आपको ऑनलाइन शॉपिंग करने पर दस हजार रुपये के रिवार्ड प्वाइंट मिल रहे हैं। यह कैश में बदल जाएंगे। इसके लिए एक लिंक पर क्लिक करना होगा। युवक ने लालच में आकर लिंक पर क्लिक कर दिया। पता लगा कि उसके खाते से चार हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।
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थाना कलवारी क्षेत्र के युवक के मोबाइल पर सोमवार को एक युवती ने फोन कर खुद को एक मोबाइल कंपनी का कर्मचारी बताया। कहा कि आपके नंबर पर कॉल रेट अधिक है। कम डाटा खर्च करने पर अधिक बिल देना पड़ रहा है। आपके नंबर पर एक ऑफर निकला है। इसमें आपका प्लान बदल दिया जाएगा। बस एक मैसेज आने पर क्लिक करना होगा। ज्यादा जानकारी लेने पर युवती ने फोन काट दिया। इससे युवक ठगी का शिकार होने से बच गया।
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न दें खाते की जानकारी: साइबर सेल
साइबर सेल के एक्सपर्ट आदित्य पांडेय के मुताबिक, यदि फोन पर कोई ई-वॉलेट की केवाईसी अपडेट करने की कहे तो विश्वास न करें। ये साइबर अपराधी हो सकते हैं। अनजान नंबर से फोन करके कोई खुद को रिश्तेदार बताता है। कुछ रकम भेजने का झांसा देकर लिंक भेजता है तो क्लिक नहीं करना चाहिए। रिश्तेदार को फोन करके खुद ही पता करें। यदि कोई फोन पर बैंक अधिकारी बताकर फोन करता है तो विश्वास न करें। कोई भी बैंक खाते की जानकारी फोन पर नहीं लेता है।
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