कूपनगर-भिरिया मार्ग पर चौरा घाट पर जान जोखिम में डालकर सड़क से आते-जाते लोग संवाद
टिनिच। कुआनो नदी का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों में सैकड़ों बीघा धान, तिलहन और गन्ने की फसल जलमग्न हो गई है। वहीं, कूपनगर-भिरिया मार्ग पर चौरा घाट के पास सड़क के ऊपर करीब एक फीट पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। इससे भानपुर तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में लोगों को परेशानी हो रही है। पानी के बीच से बड़े वाहनों के गुजरने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
बाढ़ के पानी में फसलें डूबने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। धान की तैयार होती फसल के जलमग्न होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। तिलहन और गन्ने की फसलें भी पानी में डूबी हैं। खेतों में पानी भरा होने के कारण किसानों को फसलों की स्थिति देखने और नुकसान का आकलन करने में भी दिक्कत हो रही है। कूपनगर-भिरिया मार्ग पर चौरा घाट के पास सड़क के ऊपर से पानी बहने के बावजूद आवागमन जारी है।
इस मार्ग से आमा, अजगैवा जंगल, घुरहूपुर, पचलौरिया, नोनहा और सुल्तानपुर समेत सैकड़ों गांवों के लोग भानपुर तहसील मुख्यालय आते-जाते हैं। सड़क पर तेज बहाव के बीच गुजरने से राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है। पंडितपुर निवासी विजय बहादुर ने बताया कि पानी में डूबी सड़क से लगातार बड़े वाहनों के गुजरने के कारण उसके क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। यदि बड़े वाहनों का आवागमन नहीं रोका गया तो सड़क टूट सकती है और कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम करने की जरूरत बताई।