मुंडेरवा/सांऊघाट। मुंडेरवा के पकरीचंदा गांव में बकरी के घर में घुसने को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। इसमें गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई।
मुंडेरवा थाना क्षेत्र के पकरीचंदा निवासी सुभाष और महेश के परिवार के बीच तनातनी चल रही थी। इसका कारण कुछ दिनों से सुभाष की बकरी का महेश के खेत में साग सब्जी चरना था। शनिवार सुबह सात से आठ बजे के बीच सुभाष की पत्नी कबूतरी देवी ने बकरी को एक बार फिर महेश के खेत में छोड़ दिया। बकरी साग सब्जी को चरने के बाद घर में रखा आटा नुकसान करने लगी। इससे एक बार फिर दोनों परिवारों की औरतों के बीच कहा सुनी, और अभद्र भाषा का प्रयोग होने लगा। मामला बढ़ने पर दोनों परिवारों के पुरुष भी आमने सामने आ गए। दोनों पक्षों में तकरार बढ़ी तो वे एक दूसरे पर लाठी चलाने लगे। इसी दौरान बीच बचाव करने पहुंचे महेश के चाचा बाबूलाल उर्फ झिनकान (50) और महेश को दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी डंडों से पीटने लगे।
गंभीर रुप से जख्मी बाबूलाल जान बचाकर भागे तो गांव के बाहर घेर कर दूसरे पक्ष के लोगों ने उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। बाद में अधमरा समझ कर हमलावर भागे। जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान विघ्नेश्वर दूबे ने सौ नंबर पर डायल कर पुलिस को सूचित किया। पुलिस पीड़ित को थाने ले गई। घायलों को पीएचसी भेजा गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उपचार के दौरान जिला अस्पताल साढ़े 11 बजे दिन में गंभीर रूप से घायल बाबूलाल उर्फ झिनकान की मौत हो गई। मुंडेरवा थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि मृतक के भतीजे महेश की तहरीर पर सुबाष, रामसूरत, धर्मेंद्र, लवकुश के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।