नियमित चलाई जाएं अभ्युदय कोचिंग की कक्षाएं
- आयुक्त ने कहा, निजी कोचिंग संचालकों के शिक्षकों को भी क्लास के लिए बुलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना की दूसरी लहर के बाद से बंद अभ्युदय कोचिंग क्लास को आयुक्त गोविंद राजू एनएस ने नियमित संचालित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। अपने कैंप कार्यालय पर विभिन्न योजनाओं की शनिवार को समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि शासन की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार यूपीएससी, जेई, नीट की परीक्षाओं की तैयारी कराई जाए। निजी कोचिंग संचालकों से संपर्क कर उनके विशेषज्ञ शिक्षकों को बुलाकर छात्र-छात्राओं को पढ़ाएं।
आयुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार की छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयारी के लिए संचालित यह एक महत्वाकांक्षी योजना है। अभ्युदय कोचिंग कक्षा में पढ़ाने वाले शिक्षकों के मानदेय का नियमित भुगतान किया जाए। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि आपरेशन कायाकल्प के तहत सभी 14 मानक पर सभी विद्यालयों को तैयार कराएं। स्कूलों का नियमित निरीक्षण करे तथा इसे प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करें। एक सितंबर से सभी कक्षाएं संचालित होंगी। उससे पहले सभी विद्यालयों में साफ-सफाई, शौचालय की सफाई तथा अन्य रखरखाव ठीक कर लिए जाएं। समाज कल्याण की योजनाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिया कि पेंशन, छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता, शादी-विवाह अनुदान के लिए पात्र व्यक्तियों को ही चयनित करें। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोविड-19 से माता-पिता या दोनों में कोई एक खोने वाले बच्चों को दिए जाने वाले प्रतिमाह चार हजार रुपये नियमित भुगतान करें।
बैठक का संचालन प्रभारी संयुक्त विकास आयुक्त व उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एनएन राय ने किया। बैठक में उप निदेशक समाज कल्याण संजय त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक सत्य प्रकाश त्रिपाठी, बीएसए जगदीश शुक्ल, मिड-डे-मील के मंडलीय जिला प्रबंधक मिथिलेश, कार्यक्रम अधिकारी सावित्री देवी, अनुपम यादव, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पूजा पाल, उप निदेशक दिव्यांगजन अनूप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।