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टीईटी प्रश्नपत्र लीक होने का प्रकरण : एसटीएफ की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस

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टीईटी प्रश्नपत्र लीक होने का प्रकरण : एसटीएफ की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस
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बस्ती। शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स लखनऊ व गोरखपुर की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय हुई। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पांच आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की टीमों ने उनसे लंबी पूछताछ की। उसके बाद तमाम जानकारियां उनके हाथ लगीं। हालांकि पुलिस अभी उनके बारे में कुछ भी बताने से बच रही है।
एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि बस्ती जिले में पेपर पहुंचाने वाला इस गिरोह का मुख्य किरदार, जो बभनान क्षेत्र का रहने वाला है, उसे पकड़ा जाना बाकी है। उसके गिरफ्त में आने के बाद ही पता चल सकेगा कि उसको कॉपी कहां से और किसके जरिए मिली।
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पकड़े गए पांचों आरोपितों में से सबसे पहली कड़ी प्राइमरी स्कूल का शिक्षक लालगंज थाने के तिघरा निवासी प्राइमरी स्कूल का शिक्षक अजीत यादव उर्फ धर्मेंद्र बताया जा रहा है। वह रामनगर ब्लाक के प्राइमरी पाठशाला भानपुर में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात है। फरार सरगना ने एक दिन पहले ही उसे पेपर हल करने के लिए मुहैया करा दिया था।
उनके बीच का कनेक्शन अभी जांच का विषय है। पेपर मिलने के बाद उसने इसका सौदा करना शुरू कर दिया था। इसके बाद कितने लोगों तक इसकी काफी पहुंची, इसकी पुलिस अभी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि सबसे पहले उसने अपने गांव के सत्येंद्र उर्फ सोनू को पेपर मुहैया कराया। सोनू के जरिए बाकी तीनों गौर थानाक्षेत्र के माझा मानपुर निवासी आनंद प्रकाश यादव , जगदीश यादव के अलावा विनय कुमार निवासी लबनापार थाना कोतवाली को उसकी कॉपी फारवर्ड की गई।
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10 हजार से एक लाख तक का हुआ सौदा
अब तक की पूछताछ में पता चला कि इन प्रश्नपत्रों का सौदा 10 हजार रुपये से लेकर एक लाख तक में हुआ। धर्मेंद्र के जरिए बाकी को मिली पेपर की कॉपी देने के एवज में आधी रकम एडवांस ली गई, जिसे सबने बराबर-बराबर बांट लिया। बकाया रुपये पेपर खत्म होने के बाद दिए जाने थे।
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