नहर कटी, दो गांवों की फसलें डूबीं
पैकोलिया(बस्ती)। सरयू नहर खंड अयोध्या शुक्रवार रात भीटी मिश्र गांव के पास कट गई। इससे भीटी और पुरैनाखास के किसानों की धान, गन्ना व अन्य फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों को फसलें बर्बाद होने का डर सता रहा है। अधिशासी अभियंता ने कहा कि नहर खुद नहीं कटी है, बल्कि किसी ने काटी है।
सरयू नहर खंड अयोध्या की ओर से महीने भर पहले पानी छोड़ा गया है। इससे पहले सिंचाई विभाग ने नहरों को ठीक करने के लिए लाखों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन कार्यों में गुणवत्ता की खोट के चलते नहरों को मजबूती नहीं मिल पाई। पानी पाकर गदगद किसान अब परेशान हैं। भीटी मिश्र निवासी लक्ष्मीकांत द्विवेदी, रमेश चंद्र, राजू पांडेय आदि ने बताया कि फसलें जलमग्न हो गई हैं। यदि ज्यादा दिन तक पानी खेतों में लगा रहा तो फसलें खराब हो जाएंगी। सरयू नहर खंड अयोध्या के अवर अभियंता जितेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि कट भरने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिशासी अभियंता जयसिंह ने बताया कि नहर के मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाया है। पटरी मरम्मत का काम अधूरा है। भीटी मिश्र गांव के पास नहर खुद नहीं कटी है। किसी ने काटी है, जिसे ठीक कराया जा रहा है।
सरयू के जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की बढ़त
दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी शनिवार को लाल निशान से 92.860 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि शनिवार को जलस्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़त दर्ज की गई। जलस्तर लाल निशान 92.73 से बढ़कर 92.860 सेंटीमीटर पर स्थिर है। मैरूंड गांव सुविखा बाबू के ग्रामीण नाव के सहारे दैनिक कार्यों को पूरा कर रहे हैं।
यह गांव दूसरी बार मैरूंड हुआ है। प्रशासन ने अब तक सिर्फ नाव की व्यवस्था की है। तटबंध और नदी के बीच बसे आंशिक टेढ़वा, विशुनदापुर की अनुसूचित बस्ती, खजांचीपुर का एक पुरवा, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवे, भुअरिया, बरदिया लोहार के दक्षिण का पुरवा, बानेपुर आदि गांवों की ओर तेजी से पानी फैल रहा है। किशुनपुर-मोजपुर रिंगबाध के करीब पानी पहुंच गया है। कटरिया-चांदपुर तटबंध और गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव के सामने तक पानी का दबाव तेज है। तटबंध के सामने गौरा व भनखरपुर गांव की खेती की जमीनों पर धीरे-धीरे कटान हो रही है। टकटकवा रिंगबाध कभी भी नदी में समा सकता है। सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रभाकर चौधरी ने बताया कि मैरूंड गांव सुविखा बाबू में आशा कार्यकर्ता के माध्यम से मेडिकल किट पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि नदी बढ़ रही है। तटबंध पर दबाव है, लेकिन खतरे की कोई बात नहीं है। एसडीओ और अवर अभियंता लगातार निगरानी कर रहे हैं।