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गड्ढे में तब्दील बस्ती-कांटे मार्ग, सफर से कतराने लगे लोग

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गड्ढे में तब्दील बस्ती-कांटे मार्ग, सफर से कतराने लगे लोग
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- बस्ती से कांटे तक 24 किलोमीटर की सड़क पर कदम-कदम पर गड्ढे
- महज आधे घंटे से 45 मिनट के सफर में लगने लगा है डेढ़ से दो घंटा
- बदहाल सड़क की वजह से लोग करने लगे हैं बाईपास का रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडेरवा/बस्ती। बस्ती शहर को संतकबीरनगर से जोड़ने वाला बस्ती-कांटे मार्ग इस कदर गड्ढे में तब्दील हो गया है कि लोग अब सफर करने कतराने लगे हैं। हालत यह है कि महज 24 किलोमीटर के सफर में आधे घंटे से 45 मिनट का समय लगने के बजाय अब डेढ़ से दो घंटे का समय लगने लगा है। इस असुविधा से बचने के लिए लोग बस्ती-कांटे मार्ग के बजाय नेशनल हाइवे से संतकबीरनगर तक का सफर करने को विवश होने लगे हैं।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार बस्ती-कांटे मार्ग का निर्माण वर्ष 2016 में हुआ था। निर्माण के कुछ दिनों के बाद जांच में गुणवत्ता में कमी पाए जाने के बाद ठेकेदार ने साल 2019 में इसकी दोबारा मरम्मत कराई। मगर चंद महीने बाद ही सड़क फिर से गड्ढे में तब्दील होने लगी। मौजूदा समय में बस्ती शहर में टीबी हास्पिटल, औद्योगिक क्षेत्र प्लास्टिक कांप्लेक्स से लेकर ओड़वारा, मुंडेरवा और संतकबीरनगर क्षेत्र में हाईवे और कांटे मार्ग के जंक्शन के पास इतने बड़े गड्ढे बन गए हैं कि वहां से बसों का निकलना मुश्किल हो गया है। इन गड्ढों में फंस कर अक्सर चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त होते हैं और दो पहिया सवार चोटिल। ऐसे में बस्ती से संतकबीरनगर और संतकबीरनगर से बस्ती आने वाले अधिकांश लोग नेशनल हाईवे से सफर करना मुनासिब समझने लगे हैं। शोहरता देवी स्कूल के प्रबंधक विनोद कुमार चौधरी और यूनिवर्सल स्कूल के प्रबंधक अशोक मिश्रा ने बताया कि बच्चों को बसों से लाने और ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन गड्ढों के कारण बसों की मरम्मत करानी पड़ती है। मुंडेरवा नगर पंचायत निवासी बंटी दूबे, सच्चितानंद, हर्षित भट्ट, अनूप कुमार भट्ट, शिवम, सतीश दुबे, घनश्याम दुबे, लोकपति त्रिपाठी, राजेश कुमार, प्रभात भट्ट और दीनानाथ ने कहा कि इस सड़क पर सफर करना जोखिम भरा है। इसे जल्द ठीक कराया जाए।
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नालों पर अतिक्रमण, सड़क पर बहता है पानी
सड़क के खराब होने की सबसे बड़ी वजह जलनिकासी का उचित प्रबंध न होना है। ओड़वारा और मुंडेरवा आदि स्थानों पर नालों-नालियों पर अतिक्रमण है। इससे पानी सड़क पर आता है। इससे जिला प्रशासन को भी अवगत कराया गया है।
मुंडेरवा के लोग मनाते हैं कि बारिश न हो
कस्बे के लोग मनाने लगे हैं कि बारिश न हो। दरअसल, हल्की सी भी बरसात होने पर कस्बे में जगह-जगह जलभराव हो जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह नाली-नाले का न होना है। ऐसे में मुंडेरवा कस्बे को पार करना जोखिम भरा हो जाता है। कस्बे के दोनों छोर पर पूर्व में नालियां थीं, लेकिन वह अतिक्रमण में खो चुकी हैं। किठिउरी रोड पर घुटने भर पानी भर रहता है। थाना गेट पर भी अक्सर जलभराव की स्थिति रहती है। इसी पानी में से होकर लोग रोजाना अपने जरूरत के सामानों की खरीदारी करने को विवश होते हैं।
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आबादी वाले क्षेत्र में बनेगी सीसी रोड
बस्ती-कांटे मार्ग के अक्सर क्षतिग्रस्त होने से आजिज पीडब्ल्यूडी ने अब बस्ती शहर से बूधा तक आबादी वाले क्षेत्र में सीसी रोड बनाने का निर्णय लिया है। ताकि जलभराव से सड़क टूटने का खतरा कम हो। इसका सर्वे और इस्टीमेट तैयार करने के लिए सहायक अभियंता प्रियांक मणि त्रिपाठी, अवर अभियंता हरेराम व सहायक वारिस की टीम बनाई गई है। सर्वे का काम चल रहा है।
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बस्ती-कांटे मार्ग के गड्ढे भरवाए जा रहे हैं। ओड़वारा, मुंडेरवा व अन्य स्थानों पर नालों पर अतिक्रमण या क्षतिग्रस्त होने से पानी सड़क पर फैलता है। इससे सड़क जल्द खराब हो जाती है। बरसात बीतने के बाद नालों के निर्माण के साथ आबादी वाले क्षेत्र में सीसी रोड बनाई जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
शुभनारायण, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड एक
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