भूमि विवाद के स्थायी समाधान को गठित होगी एसआईटी
नवागत डीएम ने कलेक्ट्रेट में की जनसुनवाई
अतिक्रमण न होने का प्रमाणपत्र देंगे लेखपाल
बस्ती। भूमि विवादों के स्थायी समाधान के लिए जिले स्तर पर एसआईटी गठित की जाएगी। इसमें एक डिप्टी कलेक्टर, एक तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, कम से कम दो लेखपाल तथा सिपाही शामिल होंगे। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए टीम संबंधित थाने से आवश्यक फोर्स लेकर मौके पर जाएगी।
एसआईटी शिकायती प्रकरण के अलावा गांव में अन्य भूमि विवादों की सुनवाई करेगी तथा उसका निस्तारण करेगी। यदि प्रकरण को लंबित रखने में राजस्वकर्मी की भूमिका पाई जाएगी तो कठोर कार्रवाई होगी। एसआईटी इसकी भी रिपोर्ट देगी। यह निर्देश नवागत डीएम प्रियंका निरंजन ने दिए हैं। वह कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ जनसुनवाई कर रही थीं।
उन्होंने निर्देेश दिए कि सभी एसडीएम अपने-अपने लेखपालों से उनके क्षेत्र में अतिक्रमण मुक्ति का प्रमाणपत्र प्राप्त करेंगे। यदि कहीं भी अतिक्रमण हो तो लेखपाल उसकी सूची तैयार करेंगे। प्रमाणपत्र देने के बाद यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
समीक्षा में पाया कि कई तहसीलों में भूमि विवाद के गंभीर प्रकरण अनिस्तारित हैं। इससे कभी भी कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। सुनवाई के दौरान आए भूमि विवाद के प्रकरणों में उन्होंने सीधे संबंधित एसडीएम से वार्ता कर मौके पर जाने एवं विवाद का निस्तारण कराने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने होम लोन के लिए दो दिन से धरने पर बैठी उर्मिला के प्रकरण का भी निस्तारण किया।
इस मौके पर उप संचालक चकबन्दी उमेश गिरी, बंदोबश्त अधिकारी चकबन्दी अनिल कुमार राय, अधिशासी अभियन्ता पीडब्ल्यूडी शुभ नारायण, एएमए जिला पंचायत विकास मिश्रा, स्पोर्टस अफसर संजय शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव, सीमा वर्मा आदि मौजूद रहे।