विक्रमजोत विकास खंड के भरथापुर गांव में कटान करती सरयू नदी की धारा। संवाद
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40 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में, कटान से आठ गांवों की 170 हेक्टेयर भूमि नदी में विलीन
- बाढ़ प्रभावित गांवों में अब भी चल रही हैं 16 नावें, नुकसान का किया जा रहा सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू और कुआनो नदी के जलस्तर में हो रही गिरावट से अब बाढ़ का खतरा टलने लगा है, लेकिन कटान अभी भी जारी है। जिले में अब तक 170 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। वहीं 40 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं।
एडीएम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि सरयू और कुआनो दोनों ही नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे किया जा रहा है।
जिले में सरयू और कुआनो नदी के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने पर पिछले सप्ताह 103 गांव बाढ़ प्रभावित हो गए थे, जबकि आठ गांव पूरी तरह से पानी से घिर गए थे। मगर सरयू के खतरे के निशान 92.730 मीटर से 18 सेंटीमीटर नीचे 92.550 मीटर व कुआनो के खतरे के निशान 83.640 मीटर से करीब 44 सेंटीमीटर घटकर 83.201 मीटर पर आ जाने से अब केवल 40 गांव ही बाढ़ प्रभावित रह गए हैं। इसमें सदर तहसील क्षेत्र के आठ और हर्रैया के 32 गांव शामिल हैं। नदियों के घटने की वजह से कटान का खतरा अभी बरकरार है। हर्रैया तहसील क्षेत्र के विक्रमजोत क्षेत्र के कई गांव में हुई कटान में अब तक बीस से अधिक किसानों की तीस हेक्टेयर से अधिक भूमि नदी में विलीन हो चुकी है।