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मनमानी : नाम बदलकर धड़ल्ले से चल रहे सील अल्ट्रासाउंड सेंटर

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बस्ती। जिले में अस्पतालों के पंजीकरण (लाइसेंस) के बाद अब अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण और नाम बदलने का जबरदस्त खेल चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग पहले उन्हीं सेंटरों को पंजीकृत कर रहा है और बाद में कमियां दिखाकर सील कर रहा है।
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इसके बाद संचालक उसी भवन और स्थान पर नए नाम से अल्ट्रासाउंड का पंजीकरण करा ले रहे हैं। यही नहीं, रेडियोलॉजिस्ट की डिग्री लगाकर पंजीकरण कराकर दूसरे व्यक्ति से जांच कार्य करवा रहे हैं।
इसके अलावा विभाग की जांच में भी यह बात सामने आ चुकी है कि अल्ट्रासाउंड के पंजीकरण में खेल हुआ है। ऐसे अस्पतालों को लाइसेंस जारी कर दिया गया, जिनके डॉक्टर यहां रहते ही नहीं उनकी जगह पर झोलाछाप (बिना डिग्री वाले) जांच करते हैं। इन्हीं झोलाछापों की वजह से मरीजों की जान जा ही रहीं है। साथ ही आर्थिक रूप से भी मरीजों और उनके तीमारदारों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद भी विभाग पंजीकरण के इस खेल को खत्म नहीं कर पा रहा है।
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इन अल्ट्रासाउंड संचालकों का जुगाड़ ऐसा है कि वह कभी भी और कही भी अपने सेंटर का पंजीकरण करा ले रहे हैं। डिग्री का इस्तेमाल तो ऐसे सुनियोजित तरीके से कर रहे हैं, जैसे कोई फोटो कापी।
डॉक्टर के बिना अनुमति उसकी डिग्री लगाकर पंजीकरण करा रहे, फिर बाद में यह खेल शिकायत के बाद जांच में पकड़ा जा रहा है। ऐसे ही आठ अल्ट्रासाउंड सेंटर पकड़े जा चुके हैं। वहीं, दो सेंटर ऐसे थे जो पूर्व में सील हुए। लेकिन, अब नाम बदलकर दोबारा पंजीकरण करा लिए। धड़ल्ले से मरीज का अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं।
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बता दें कि जिले में सिर्फ 118 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। शेष अवैध तरीके से चल रहे हैं।
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