जिला अस्पताला की ओपीडी में पहुंचे मरीज।
बस्ती। युवाओं के बीच फास्ट फूड का बढ़ता चलन अब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में फैटी लिवर, आंत में सूजन से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनमें अधिकांश युवा शामिल हैं। ऐसे मरीजों का पाचन तंत्र गड़बड़ हो गया है। उल्टी-दस्त व पेट में मरोड़ के मरीज अस्पताल में कराहते पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि तले-भुने और जंक फूड के अधिक सेवन से लीवर पर विपरीत असर पड़ता है। विशेषज्ञों ने युवाओं को संतुलित आहार अपनाने, फलों का अधिक सेवन करने और फास्ट फूड से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। फास्टफूड और कोल्डडि्ंक लोगों की सेहत पर विपरित असर डाल रहा है लेकिन लोगों को तत्काल इसका पता नहीं चल पाता लेकिन यह धीरे-धीरे सेहत को खराब कर रहा है।
डॉ. विजय तिवारी के अनुसार, ज्यादातर फास्ट फूड में मैदा होता है जो आंतों को नुकसान पहुंचाता है। सिंथेटिक कलर से भी नुकसान पहुंचता है। इससे लिवर में सूजन आ जाती है। यह खाने में तो अच्छे लगते हैं लेकिन इनका लगातार सेवन करना सेहत के लिए नुकसानदायक है। मेडिसिन विभाग में रोजाना 10 से 15 मरीज इसी के पहुंच रहे हैं। वहीं, पेट में दर्द की भी शिकायत है। अपेंडिक्स के भी रोगी मिल रहे हैं। जनरल फिजीशियन डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि गर्मी में ज्यादा कोल्ड डि्रंक भी नहीं पीना चाहिए। यह भी नुकसान देती है। अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है।