अपेक्षित विकास की प्रतीक्षा में आचार्य शुक्ल का जन्मस्थल गांव अगौना
बहादुरपुर (बस्ती)। ब्लॉक क्षेत्र बहादुरपुर के दक्षिणी छोर रामजानकी मार्ग पर स्थित आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की जन्मस्थल अगौना गांव अब भी अपेक्षित विकास की प्रतीक्षा में है। अपनी लेखनी से विश्व को हिन्दी साहित्य का लोहा मनवाने वाले आचार्य शुक्ल के गांव के विकास के प्रति जिम्मेदारों ने समुचित ध्यान नहीं दिया।
2002 में तत्कालीन मंडलायुक्त विनोद शंकर चौबे के प्रयास से उनके घर पर उनकी प्रतिमा स्थापित होने के साथ-साथ एक पुस्तकालय तथा वाचनालय का भी निर्माण हुआ। उसी दौरान बस्ती जिले में तैनात रहे जिलाधिकारी रामेन्द्र नाथ त्रिपाठी जो आचार्य शुक्ल के दूर के रिश्तेदार थे। उन्होंने गांव के विकास का भरोसा दिया था, लेकिन उनका स्थानांतरण हो जाने के कारण प्रयास भी ठंडे बस्ते में चला गया। अगौना गांव में प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र तथा एएनएम सेंटर बना हुआ है।
पुस्तकालय व वाचनालय के संरक्षक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. कृष्ण प्रसाद मिश्र ने बताते हैं कि पुस्तकालय में आचार्य शुक्ल द्वारा लिखी गई नौ पुस्तकें हैं। पुस्तकालय पुस्तकों से भरा रहे इसके लिए जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कोई इस तरफ ध्यान नहीं देता। उम्र ज्यादा होने के कारण वह प्रतिदिन वहां नहीं जा पाते। क्षेत्र के लोग आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के बारे में जानें इसलिए प्रतिवर्ष उनके जन्म दिवस पर काव्य गोष्ठी कराई जाती है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी यादव ने बताया कि आचार्य शुक्ल हमारे गांव की पहचान हैं, हमें गर्व होता है जब कोई यह पूछता है आचार्य शुक्ल का गांव यही है।