बस्ती। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की नमो ड्रोन दीदी योजना से रोजगार और तकनीक के नए रास्ते खुलेंगे। जिले में अब तक 35 महिलाएं ड्रोन दीदी के लिए चयनित हुई हैं। ड्रोन मिलने पर ये महिलाएं किसानों के खेतों में कीटनाशक का छिड़काव करेंगी। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आधुनिक तकनीक सीखने और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित इस योजना में महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर कृषि सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के साथ खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना भी है। विभाग के अनुसार, जिले में पिछले साल छह महिलाओं का चयन किया गया था। इस साल 29 महिलाओं का चयन हो चुका है। इससे अधिक महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर कृषि सेवाओं से जोड़ने का अवसर मिलेगा। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए यह पहल रोजगार का नया माध्यम बन सकती है। ड्रोन के इस्तेमाल से खेतों में दवा का छिड़काव कम समय में और अपेक्षाकृत समान रूप से किया जा सकता है, जिससे किसानों की मेहनत भी कम होती है। बताया कि प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, अभी तक ड्रोन नहीं मिला है।
तकनीक से बढ़ेगा आत्मविश्वास
समूह से जुड़ी महिलाएं सीमा देवी, बिंदु व नीलम ने बताया कि प्रशिक्षण से पहले उन्हें भी ड्रोन संचालन को लेकर आशंकाएं थीं, लेकिन अब वे आत्मविश्वास के साथ यह काम करेंगी। इससे उन्हें आमदनी का साधन मिलेगा। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। बताया कि सफलता से गांव की अन्य महिलाएं भी आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं।
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35 महिलाओं का चयन किया जा चुका है। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत ड्रोन मिलते ही उन्हें वितरित किया जाएगा। इससे वह सशक्त होंगी। आधुनिक कृषि तकनीक की पहुंच बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल सकेंगे। -आशा देवी, डीसी एनआरएलएम, बस्ती।