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250 हैंडपंप उगल रहे दूषित पानी

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250 हैंडपंप उगल रहे दूषित पानी
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बस्ती। प्रशासनिक पहल पर शहरी क्षेत्र में नगर पालिका ने कम गहराई वाले हैंडपंप की जांच की। करीब 250 ऐसे हैंडपंप पाए गए, जो दूषित पानी उगल रहे हैं। हालांकि नगर पालिका ने लोगों को इसके पानी को न पीने का सुझाव देते हुए चिह्नित कर लिया है, मगर अब भी तमाम लोग इसका पानी पीने के लिए कर रहे हैं।
चिकित्सकों ने बताया कि कम गहराई वाले हैंडपंप के पानी में आर्सेनिक की मात्रा होती है। दूषित पानी लोगों को पीलिया व एईएस से ग्रसित कर देता है। पिछले दिनों नगर पालिका को डीएम सौम्या अग्रवाल ने निर्देश दिए थे कि वह शहरी क्षेत्र में कम गहराई वाले हैंडपंपों का सर्वे कराकर उस पर लाल निशान लगा दें। इसके बाद नगर पालिका ने इसका सर्वे कराया। मलिन बस्तियों में लगे करीब 250 ऐसे हैंडपंप मिले हैं, जिनका पानी पीने लायक नहीं है। नगर पालिका के ईओ कहते हैं कि शहरी क्षेत्र के कई स्थलों का सर्वे हुआ, जिसमें लोग ऐसे नल का उपयोग करते पाए गए, जिस पर लाल निशान लगाकर उन्हें इसका पानी पीने के लिए इस्तेमाल न करने के लिए चेताया गया था।
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एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन ने बताया कि पानी में आर्सेनिक सेहत के लिए घातक है। इसके अलावा कम गहराई वाले हैंडपंपों में कूड़ा कचरे का संक्रमण व अन्य बीमारियों के वायरस पानी के साथ जमीन में चले जाते हैं, जो ऊपरी सतह तक पूरी तरह सक्रिय रहते हैं। पीने के पानी के साथ यह शरीर में जाकर सेहत बिगाड़ देते हैं। डायरिया, पीलिया, एईएस व पेट की अन्य बीमारियों का यह पानी कारक है।
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फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने कहा कि शुद्ध पानी पीना चाहिए। अब तो करीब अस्सी फीट का पानी भी संक्रमित हो चुका है। ऐसे में सौ फिट के बाद का ही पानी पीने योग्य है। नगर पालिका के ईओ अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि जलकल को पानी की जांच के लिए कहा गया है।
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