फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: बिना लेआउट मंजूरी वाले 15 भूखंड चिह्नित, ईद बाद होगी कार्रवाई

Mon, 24 Mar 2025 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बस्ती। शहर और पॉश इलाके में जमीन खरीदकर मकान बनवाने का सपना संजोए हों तो रुक जाइए। क्योंकि ईंटों से मार्किंग कर बेची जा रही जमीन बीडीए से स्वीकृति नहीं है। ऐसे जमीन बीडीए के रडार पर हैं। शहर के आसपास प्लाटिंग किए हुए तीन भू-खंडों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी हो चुकी है।
इसमें जमीन खरीदने वाले या बुकिंग करने वाले बेगाने बनकर घूम रहे हैं। 15 भू-खंड और चिह्नित किए गए हैं। पुलिस फोर्स मिलते ही ईद बाद कार्रवाई की जाएगी।
बस्ती विकास प्राधिकरण (बीडीए) शहर या इसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध बसावट पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नई कॉलोनियां अब बीडीए के मानक के अनुसार ही बन पाएंगी। बीडीए की यह सख्ती धंधेबाजों में हलचल पैदा कर दी है। पहले से जमीन खरीदकर प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजर किसी तरह जमीन बेचने की फिराक में हैं। वहीं बीडीए घूम-घूमकर ऐसे भू-खंडों को चिह्नित कर रहा है।
विज्ञापन

शहर के पास मूड़घाट और घरसोहिया में प्लाटिंग की गई इस तरह के दो भू-खंडों पर इसी माह बुलडोजर चलाकर बीडीए ईंटों की मार्किंग को ध्वस्त कर दिया।
इस कार्रवाई की जद में 15 ऐसे भू-खंड और भी आ चुके हैं, जहां अवैध ढंग से प्लाटिंग की गई है। बीडीए की तरफ से इनके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया जा चुका है। सिर्फ बुलडोजर चलने भर की देरी है। ईद की वजह से फोर्स उपलब्ध न होने के कारण कार्रवाई टाल दी गई है।
कार्रवाई के लिए चिह्नित भू-खंडों में लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर आवास बनाने के लिए प्लाट भी खरीद लिए हैं। बीडीए की कार्रवाई शुरू होने से जमीन खरीदने वालों की चिंता बढ़ गई है। पुरानी बस्ती के भानू सिंह ने बताया कि उन्होंने बड़ेवन के पास जिस भू-खंड में 1200 स्क्वायर फीट जमीन खरीदा है, अब सुनने में आ रहा है कि वह अवैध प्लाटिंग का हिस्सा है।
वहीं कटरा के विवेक कुमार ने बताया कि वैध कॉलोनियों की बसावट की पहल अच्छी है, मगर प्रशासन और बीडीए को यह सुनिश्चित करना चाहिए जमीन का बैनामा कराने वाले या बुकिंग करने वालों के रुपये वापस मिल जाएं। क्योंकि मानचित्र स्वीकृति कराकर जमीन बेचना कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी है। कार्रवाई उनके ऊपर होनी चाहिए। इसमें क्रेता-विक्रेता का कोई दोष नहीं है।
साल भर से बीडीए कर रहा था प्रयास ः शहर एवं आसपास के इलाके में प्लाटिंग करने से पूर्व ले-आउट पास कराने के लिए साल भर पहले से बीडीए कॉलोनाइजरों को आमंत्रित कर रहा है। कई तरह के ऑफर के बाद भी कॉलोनाइजरों ने पहल नहीं की। शहर के मध्य से पांच किमी की परिधि मेंं मनमाने ढंग से प्लाटिंग कर जमीन बेचने का धंधा और तेज होता गया। अब बीडीए ऐसे भू-खंडों पर कार्रवाई तेज कर दी है।
विज्ञापन

इन जगहों पर हो चुकी हैं प्लाटिंग ः लौकियहवां, मुंडेरवा, सुपेलवा, विशुनपुरवा, भद्रेश्वरनाथ, मुंडेरवा, मिश्रौलिया, भैसहिया, मड़वानगर, डड़वा, रैपुरा, हरदिया, सियरापार, बरगदवा, ढोरिका, बड़ार, ऊंचीभीटी, गनेशपुर, आशपुर, अमहट क्षेत्र आदि जगहों पर जमीनों की प्लाटिंग हो चुकी है।
यहां प्रत्येक कॉलोनाइजर के भू-खंड में कुछ प्लाट बिक भी चुके हैं। कुछ मकान भी बन चुके हैं। अब अवैध प्लाटिंग के मामले ने मुसीबत खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें