खलिहान की जमीन पर पानी टंकी बनाने का विरोध
नौवागांव के लोगों ने पानी टंकी निर्माण पर नाराजगी जताई
तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल से मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। रामनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नौवागांव में खलिहान की भूमि पर पानी की टंकी का निर्माण किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। गांव के लोगों ने निर्माण का विरोध और नाराजगी जताई है।
बृहस्पतिवार को नौवा गांव के अकबर, मकसूद सुफियान, मोहम्मद इलियास, अब्दुल रज्जाक, नबी सरवर, जगराम एकजुट होकर तहसील पहुंचे। तहसीलदार नवीन प्रसाद को प्रार्थना पत्र देकर निर्माण कार्य रोकने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने तहसीलदार को दिए प्रार्थनापत्र में लिखा है कि नौवागांव में गांटा संख्या 336 जिसका रकबा 0.276 हेक्टेयर खलिहान के रूप में दर्ज है। गांव के किसान यहां खलिहान रखते हैं। खाली रहने पर बच्चे खेल के मैदान के रूप में प्रयोग में लेते हैं। पास में मदरसा व ईदगाह भी है। कुछ ही दूरी पर बंजर भूमि भी है जो खाली पड़ी है। उसमें निर्माण न कराकर ठेकेदार की ओर से खलिहान की जमीन में ही ओवरहेड टैंक के लिए नींव भरी जा रही है।
इस बाबत तहसीलदार नवीन प्रसाद ने बताया कि मामले को गंभीरता से संज्ञान लेकर राजस्व निरीक्षक और हलका लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। जिनकी रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान गीता देवी के प्रतिनिधि सुरेश चौधरी ने बताया कि इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांव है। स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के उद्देश्य से गांव में पानी की टंकी निर्माण के लिए उक्त जमीन पर निर्माण का प्रस्ताव खुली बैठक में ग्रामीणों की सहमति पर ही किया गया था। इसका आज अनावश्यक विरोध किया जा रहा है।
उपेक्षा के चलते जर्जर हुआ वाटर टैंक
गोरखर ग्राम पंचायत में बना है
अमर उजाला ब्यूरो
सल्टौआ। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोरखर में ग्रामीणों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की योजना बनी। इसके लिए जल निगम की ओर से लगभग 25 लाख रुपये खर्च कर वाटर हैड टैंक बना दिया गया। लेकिन विभागीय उपेक्षा के चलते अभी तक इस टैंक से ग्रामीणों के घरों तक पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
गोरखर ग्राम पंचायत में शुद्ध जल मुहैया कराने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में निर्माण शुरू कराया गया और उसी वर्ष निर्माण भी पूरा हो गया। घर तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन डाली जरूर गई, मगर यह कार्य अधूरा रहा। नतीजतन, टंकी का पानी घरों तक नहीं पहुंच सका। यही नहीं निगम की अनदेखी के चलते परिसर में स्थापित पंप हाउस व कर्मचारी आवास भी जर्जर हो चुका है। और तो और जेई प्रभावित गांव पचमोहनी, बनरही जंगल, औड़जंगल, शिवपुर में अभी तक पानी की टंकी नहीं बन सकी है। इसके चलते ग्रामीण दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। ग्राम प्रधान रंगीलाल राजभर ने बताया टंकी बनकर तैयार है लेकिन पानी नसीब नहीं हो रहा है। बताया कि विभाग के जिम्मेदारों से कई बार कहा गया लेकिन कोई अमल नहीं हुआ।