परीक्षा में काम आया अफसरों का मार्गदर्शन
चित्रा आलोक ने बताया कि सीएम अभ्युदय योजना का लाभ लेकर मैंने निशुल्क तैयारी की। मेरा चयन बिहार लोक सेवा आयोग में शिक्षिका के पद पर हुआ है। कोचिंग के दौरान आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की ओर से मार्ग दर्शन भी मिला, जिससे परीक्षा के दौरान काफी आसानी हुई।
गौरव प्रकाश ने कहा कि मेरा सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते निजी संस्थानों से नीट की तैयारी करना संभव नहीं था। जिसके बाद अभ्युदय कोचिंग सेंटर में प्रवेश लेकर नीट की तैयारी की। बेहतर मार्गदर्शन से नीट में सफलता हासिल की है।