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पथरी का ऑपरेशन करते वक्त आंत कटने से महिला की मौत

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, परिजन ने किया हंगामा, शव का होगा पोस्टमार्टम

बरेली। स्टेडियम रोड स्थित एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान आंत कटने से महिला की मौत हो गई। परिजन ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजन के बयान दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए परिजन की सहमति से ऑपरेशन करने की बात कही है।
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शाहजहांपुर जिले के कस्बा कलान निवासी हृदयेश गुप्ता ने अपनी पत्नी कामिनी को 27 अगस्त को स्टेडियम रोड स्थित रामकिशोर अस्पताल में भर्ती कराया था। उनका आरोप है कि पथरी के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से पत्नी की आंत कट गई। इससे उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। रविवार दोपहर उनकी मौत हो गई। परिजन ने जब मौत की वजह पूछी तो अस्पताल प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया। इससे गुस्साए परिजन ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची बारादरी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अस्पताल के डॉ. सौरभ गोयल का कहना है कि ऑपरेशन बेहद जटिल था। इसकी जानकारी परिजन को पहले ही दे दी गई थी। ऑपरेशन से पहले उनसे सहमति पत्र भी ले लिया गया था। इसके बाद ही ऑपरेशन किया गया। महिला की आंत में पहले से ही इन्फेक्शन था। परिजन को पोस्टमार्टम कराने का सुझाव अस्पताल की ओर से ही दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच सामने आ जाएगा।

डॉक्टर ने कहा था- नहीं होगी कोई समस्या

परिजन का कहना है कि चिकित्सक ने पित्त की थैली में पथरी बताते हुए ऑपरेशन करने को कहा था। भरोसा दिलाया था कि छोटा सा ऑपरेशन है, कोई दिक्कत नहीं होगी और मरीज ठीक हो जाएगा। करीब 22 हजार रुपये ऑपरेशन के लिए जमा कराए गए। मगर ऑपरेशन के बाद कामिनी की तबीयत और बिगड़ने लगी, तो डॉक्टर ने एक और ऑपरेशन किया।

बिना सहमति के किया दूसरा ऑपरेशन

परिजन का आरोप है कि डॉक्टर मयंक ने बगैर सहमति लिए ही शनिवार को दूसरा ऑपरेशन कर दिया। फिर बताया कि आंत फट गई है। इसकी वजह से रविवार को मौत हो गई। परिजन ने अस्पताल प्रशासन और डॉ. मयंक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बारादरी थाने में तहरीर दी है।

परिजन ने एक रुपया भी जमा नहीं किया

अस्पताल के डॉ. सौरभ गोयल का कहना है कि 50 हजार से ज्यादा का बिल बना था, लेकिन परिजन ने एक रुपया भी जमा नहीं कराया। ऑपरेशन से पहले रुपये जमा कराए जाने की बात झूठी है। कहा, ऑपरेशन से पहले सहमति पत्र भरवाया जाता है। कामिनी के परिजन से भी सहमति पत्र लिया गया है। पोस्टमार्टम में लापरवाही सामने आएगी तो हम नियमानुसार कार्रवाई के लिए तैयार हैं। डॉक्टर से किसी तरह की चूक नहीं हुई है।
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