मंदिरों में की गई सजावट, भव्य झांकियां भी सजाई गईं, सोमवार को होने वाले कार्यक्रम किए गए घोषित
बरेली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर भर में उत्साह का माहौल है। सभी छोटे-बड़े मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भव्य सजावट से लेकर सोमवार को होने वाले कार्यक्रम भी घोषित कर दिए गए हैं। घरों में भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। बाजारों में लोग दिनभर कान्हा की पोशाकें, मोरपंखी आदि की खरीदारी करते रहे।
शहर के प्रमुख मंदिर श्री त्रिवटी नाथ, श्री बांके बिहारी, हरि मंदिर, आनंद आश्रम, सनातन धर्म, पुलिस लाइन शिव मंदिर, पशुपति नाथ, अलख नाथ, लक्ष्मीनारायण, धोपेश्वर नाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वर नाथ, बनखंडी नाथ, लाला कल्लू मल मंदिर में खूबसूरत सजावट की गई है। रंगबिरंगी लाइटों और फूलों की सजावट के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सुंदर झांकियां भी सजाई गईं हैं। सभी मंदिरों में कोरोना प्रोटोकाल के हिसाब से भगवान के दर्शन की व्यवस्था की गई है।
खासतौर से प्रेमनगर स्थित प्राचीनतम मंदिर श्री त्रिवटी नाथ में झालरों और फूलों से भव्य सजावट की गई है। मंदिर कमेटी के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को रात नौ बजे से भजन होंगे। रात 12 जन्मोत्सव मनाया जाएगा और फिर आरती होगी। कोरोना प्रोटोकाल के तहत सभी भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर में मास्क वितरण के साथ ही दूरी बनाए रखने के लिए लाउड स्पीकर से घोषणा भी की जाती रहेगी।
राजेंद्रनगर स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी एवं राधा अष्टमी महोत्सव सोमवार से 14 सितंबर तक मनाया जाएगा। जन्माष्टमी का कार्यक्रम दो दिनों तक मनाया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम जारी रहेंगे। महोत्सव के अंतिम दिन प्रात: राधा अष्टमी मनाई जाएगी। इसी तरह मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर में श्रीकृष्ण महोत्सव मनाया जाएगा। यहां लाइटों और फूलों से सुंदर सजावट की गई है। मंदिर कमेटी के सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि ठाकुर जी के दिव्य शृंगार के दर्शन सोमवार को सायं पांच बजे से होंगे। दर्शन के लिए मास्क, सैनिटाइजर और उचित दूरी के साथ ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
आलमगीरीगंज के लाला कल्लू मल बरगद वाले मंदिर में भी आकर्षक सजावट की गई है। कमेटी के शिरीश गुप्ता के अनुसार भगवान का अभिषेक शाम 8:45 बजे एवं आरती रात 9:15 बजे और प्रसाद वितरण 9:30 बजे होगा। इसी तरह अन्य मंदिरों में भी अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इधर भक्तगण घरों में भी जन्माष्टमी की तैयारियों में मशगूल रहे। घर के मंदिरों के साथ अपने घरों को भी सजा रहे हैं।