शाहजहांपुर। बृहस्पतिवार दोपहर से शाम तक धूप निकलने से मौसम सामान्य रहा, लेकिन शाम से पश्चिमी विक्षोभ के कारण पछुवा हवा की रफ्तार बढ़ी तो शीत लहर का प्रभाव पैदा होने के साथ ही रात में बूंदाबांदी और कोहरा के असर से सर्दी बढ़ गई। इस कारण रात में न्यूनतम तापमान भी 1.8 डिग्री घटकर 6.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। शुक्रवार को सूर्योदय से पहले तक वातावरण में ठिठुरन बनी रही, लेकिन बाद में धूप निकलने से जनजीवन पटरी पर लौटने लगा और दिन में अधिकतम तापमान भी 2.5 डिग्री बढ़कर 20 डिग्री सेल्सियस हो गया।
वायुदाब कम होने की दशा में बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से औसतन 10-12 अंक नीचे रहता है, लेकिन बीते दिन सुबह बैरोमीटर का पारा सामान्य से 43 अंक नीचे चला गया। इस कारण बादलों ने दोपहर बाद से आसमान पर घेराबंदी शुरू कर दी। शाम तक वायुदाब सामान्य से 24 अंक नीचे रहा। नतीजे में रात नौ बजे के बाद से बूंदाबांदी होने लगी। बूंदाबांदी बहुत धीमी गति से हुई। सड़कें पूरी तरह भीग नहीं सकीं, लेकिन इससे वातावरण में आर्द्रता बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई। हवा में घुली नमी ने सर्दी बढ़ा दी और ठिठुरन पैदा करने में बाकी कसर कोहरा ने पूरी कर दी।
सुबह लोग सोकर उठे तो उन्हें रोजाना की तरह वातावरण पर कोहरा और बादलों का आवरण छाया मिला। इस दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा के झोंके शीतलहर बनकर जनजीवन को ठिठुराते रहे। सूर्योदय के दो घंटे बाद बादल थोड़े हल्के पड़े तो सूरज झांकने लगा। धीरे-धीरे धूप में तेजी आई और उसके बाद ही लोगों की दिनचर्या गति पकड़ सकी। इस दौरान खुले स्थानों पर जगह-जगह समूह में खड़े लोग धूप सेंकते नजर आए।
गन्ना शोध परिषद केेे मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ अभी मजबूत स्थिति में है और वायुदाब भी सामान्य से कम है। इसलिए शनिवार को भी सुबह कोहरा और बादलों का मिला-जुला असर बना रहने के साथ बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
शाहजहांपुर में सर्दी से बचने के लिए टाउन हाल रोड पर शहीदों के प्रतिमाओं केसमक्ष धूप सेकते लोग । स?- फोटो : SHAHJAHANPUR